By: Vikash, Mala Mandal
21 अप्रैल 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जो कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र और शोभन योग का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और उन्नति के संकेत देता है। सूर्य देव मेष राशि में स्थित हैं और वसंत ऋतु का प्रभाव वातावरण में नई ऊर्जा और उत्साह भर रहा है। यदि आप आज के दिन शुभ कार्य करने या किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने की सोच रहे हैं, तो पंचांग की जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

आज का पंचांग: तिथि, नक्षत्र और योग का पूरा विवरण
आज की पंचमी तिथि रात्रि 01 बजकर 19 मिनट (22 अप्रैल) तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ हो जाएगा। मृगशिरा नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा। शोभन योग दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा और फिर अतिगण्ड योग प्रारंभ हो जाएगा। करण की बात करें तो बव करण दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक रहेगा, इसके बाद बालव करण शुरू होगा।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य देव मेष राशि में विराजमान हैं, जो ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक माने जाते हैं। चंद्रमा दोपहर 01:00 बजे तक वृषभ राशि में रहेंगे और उसके बाद मिथुन राशि में गोचर करेंगे। यह परिवर्तन मानसिक स्थिति और निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
आज का सूर्योदय और सूर्यास्त समय
सूर्योदय प्रातः 05:50 बजे होगा और सूर्यास्त सायं 06:50 बजे रहेगा। वहीं चंद्रोदय प्रातः 08:44 बजे और चंद्रास्त रात्रि 11:27 बजे होगा।

आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। अमृत काल दोपहर 03 बजकर 58 मिनट से सायं 05 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 06 मिनट तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है।
आज का अशुभ समय (राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल)
राहुकाल दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। गुलिक काल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा और यमगंड सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक रहेगा।

आज का नक्षत्र: मृगशिरा नक्षत्र का महत्व
आज चंद्रदेव मृगशिरा नक्षत्र में स्थित हैं, जिसका स्वामी मंगल ग्रह है। इस नक्षत्र के देवता सोम (चंद्रमा) माने जाते हैं और इसका प्रतीक हिरण का सिर होता है। इस नक्षत्र में जन्मे या प्रभावित लोग सामान्यतः सौम्य स्वभाव के, आकर्षक व्यक्तित्व वाले, बुद्धिमान और कूटनीतिज्ञ होते हैं। ये लोग मेहनती होते हैं और सरल जीवन जीना पसंद करते हैं।

आज का व्रत और त्योहार
आज का दिन सूरदास जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। यह दिन महान भक्त कवि सूरदास जी की स्मृति में समर्पित है, जिनकी रचनाएं आज भी भक्ति और प्रेम का संदेश देती हैं।
आज का उपाय
आज मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही लाल मसूर की दाल का दान करने से जीवन में ऊर्जा, शक्ति और सकारात्मकता का संचार होता है।

आज की विशेष सलाह
आज का दिन आध्यात्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल है। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय का ध्यान रखते हुए ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय लें। सकारात्मक सोच और संयम आज आपको सफलता की ओर ले जा सकते हैं।
यह पंचांग ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। समय और फलादेश स्थान के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

