By: Vikash, Mala Mandal
आज 23 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष माना जा रहा है। इस दिन गुरु पुष्य योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए बेहद उत्तम माना जाता है। साथ ही आज गंगा सप्तमी का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है, जिसे मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में आज का दिन दान, स्नान और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। यह तिथि धार्मिक अनुष्ठानों, व्रत और पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
आज का नक्षत्र पुष्य है, जिसे सभी नक्षत्रों में सबसे शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र में किए गए कार्य लंबे समय तक स्थायी और सफल रहते हैं। गुरु पुष्य योग का निर्माण तब होता है जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ता है, और यह योग विशेष रूप से धन निवेश, नई शुरुआत, व्यापार विस्तार और संपत्ति खरीदने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

आज का योग भी शुभ प्रभाव देने वाला है, जिससे व्यक्ति को कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। यदि आप कोई नया कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके लिए अनुकूल साबित हो सकता है।
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, पीली वस्तुओं का दान करना और गरीबों की सहायता करना शुभ फल प्रदान करता है। गंगा सप्तमी के अवसर पर यदि संभव हो तो गंगा नदी में स्नान करें या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें और मां गंगा की आराधना करें।

आज का राहुकाल दोपहर के समय रहेगा, जिसमें किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। राहुकाल के अलावा अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ समय में किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं।
जो लोग अपने जीवन में आर्थिक उन्नति, करियर में प्रगति या पारिवारिक सुख-शांति की कामना रखते हैं, उनके लिए आज का दिन विशेष अवसर लेकर आया है। गुरु पुष्य योग में किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम दे सकते हैं।
आज का पंचांग 23 अप्रैल 2026
तिथि: वैशाख शुक्ल पक्ष सप्तमी
दिन: गुरुवार
नक्षत्र: पुष्य
योग: शुभ योग
राहुकाल: दोपहर में (लगभग 1:30 बजे से 3:00 बजे तक)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर के आसपास का समय (शुभ कार्यों के लिए उत्तम)

धार्मिक महत्व
गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। यह दिन विशेष रूप से स्नान, दान और तप के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। गुरु पुष्य योग के कारण यह दिन और भी अधिक प्रभावशाली बन जाता है, जिससे किए गए कार्यों में सफलता और स्थायित्व मिलता है।

क्या करें आज
आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले फूल अर्पित करें। गरीबों को भोजन कराएं और जरूरतमंदों की सहायता करें। किसी भी नए कार्य की शुरुआत शुभ मुहूर्त में करें ताकि सफलता सुनिश्चित हो सके।
क्या न करें
राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू न करें। बिना सोच-समझ के निवेश करने से बचें। क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाए रखें।

आज का दिन धार्मिक आस्था और शुभ कार्यों के लिए बेहद खास है। गुरु पुष्य योग और गंगा सप्तमी का यह संयोग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। सही समय और सही दिशा में किए गए प्रयास आपके जीवन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय या अनुष्ठान से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

