By: Vikash, Mala Mandal
झारखंड के देवघर जिले में शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की संयुक्त टीम ने हथियार सप्लाई नेटवर्क के शक में शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े एक संभावित नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों को कुछ समय से इस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी, जिसके आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया गया।

दो अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, पहला संदिग्ध देवघर के नंदन पहाड़ इलाके से हिरासत में लिया गया है। यह इलाका शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी माना जाता है, जहां आमतौर पर स्थानीय और बाहरी लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में इस क्षेत्र से संदिग्ध की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को और भी अहम बना दिया है।

वहीं, दूसरा संदिग्ध देवघर के रांगा मोड़ इलाके से पकड़ा गया है। यह क्षेत्र भी शहर के व्यस्त इलाकों में गिना जाता है। दोनों संदिग्धों को अलग-अलग टीमों द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच किसी न किसी रूप में संपर्क होने की आशंका जताई जा रही है।

हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच
सूत्रों का कहना है कि यह मामला अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ये संदिग्ध किसी बड़े गिरोह या अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान संदिग्धों के मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

अधिकारियों की चुप्पी
इस पूरे मामले पर फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) या स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखते हुए जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की इस संयुक्त कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता और जिज्ञासा दोनों देखी जा रही है।

इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
छापेमारी के बाद देवघर के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियां राज्य में अवैध गतिविधियों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते खत्म करने के लिए सक्रिय हैं।

आगे की जांच जारी
फिलहाल दोनों संदिग्धों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां उनसे मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की योजना बना रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस को लेकर आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग की जा सकती है, जिसमें पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

