By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 27 May 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग देखकर सही मुहूर्त का चयन किया जाता है। आज 27 मई 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि आज पद्मिनी एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। अधिक मास में आने वाली यह एकादशी अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है और इसका पुण्य कई गुना अधिक बताया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पद्मिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि, धन लाभ और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र और पूजा का सही समय।
आज का पंचांग 27 मई 2026
संवत – 2083
माह – ज्येष्ठ माह
पक्ष – शुक्ल पक्ष
तिथि – एकादशी तिथि सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक, इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ
वार – बुधवार
योग – व्यतीपात योग अगले दिन 28 मई प्रातः 3 बजकर 25 मिनट तक, इसके बाद वरीयान योग

करण –
विष्टि (भद्रा) सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक
बव करण शाम 7 बजकर 6 मिनट तक, इसके बाद बालव करण
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय – सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 7 बजकर 12 मिनट पर
चंद्रोदय – दोपहर 3 बजकर 51 मिनट तक
चंद्रास्त – देर रात 3 बजकर 1 मिनट पर

आज का नक्षत्र
आज हस्त नक्षत्र प्रातः 5 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, इसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हस्त नक्षत्र को शुभ और सौम्य नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्य करना शुभ फलदायी माना जाता है।
नक्षत्र स्वामी – चंद्रदेव
राशि स्वामी – बुधदेव
आज का शुभ मुहूर्त
अमृत काल – देर रात 1 बजकर 9 मिनट से देर रात 2 बजकर 54 मिनट तक (28 मई)
अभिजीत मुहूर्त – आज अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा

पद्मिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
पद्मिनी एकादशी को अधिक मास की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है। कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। अधिक मास में आने वाली यह एकादशी बहुत दुर्लभ मानी जाती है क्योंकि इसका आयोजन हर वर्ष नहीं होता। यही कारण है कि भक्त इस दिन विशेष पूजा-पाठ और दान-पुण्य करते हैं। कई लोग इस दिन व्रत रखकर रात में भगवान विष्णु का जागरण भी करते हैं।

आज राहुकाल का समय
बुधवार के दिन राहुकाल दोपहर में माना जाता है। ऐसे में इस समय शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि पूजा-पाठ और भगवान का स्मरण किसी भी समय किया जा सकता है।

आज क्या करें
आज भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करना शुभ माना जाता है। गरीबों को दान देने और जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। घर में विष्णु सहस्रनाम या गीता पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य सूचना प्रदान करना है। किसी भी पूजा-व्रत या शुभ कार्य से पहले संबंधित विशेषज्ञ या आचार्य की सलाह अवश्य लें।

