By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, मंगलवार 4 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा, जिसे विशेष रूप से सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए करती हैं। सावन के मंगलवार को माता पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में पूजा से पहले शुभ मुहूर्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति की जानकारी होना आवश्यक माना जाता है।
यदि आप भी आज मंगला गौरी व्रत की पूजा करने जा रहे हैं या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ और अशुभ समय का ध्यान अवश्य रखें।

आज की तिथि
श्रावण मास
कृष्ण पक्ष
षष्ठी तिथि
वार – मंगलवार

आज का नक्षत्र
आज रेवती नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रेवती नक्षत्र को शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना का विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।
आज का योग
आज ग्रहों की शुभ स्थिति कई कार्यों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। धार्मिक अनुष्ठान, व्रत, पूजा और पारिवारिक मांगलिक कार्यों के लिए दिन शुभ फलदायी माना गया है। हालांकि किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले राहुकाल का ध्यान अवश्य रखें।

सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय – प्रातः 5:35 बजे (लगभग)
सूर्यास्त – सायं 6:32 बजे (लगभग)
चंद्रोदय और चंद्रास्त
चंद्रोदय – रात्रि के समय (स्थानानुसार समय में अंतर संभव)
चंद्रास्त – प्रातः (स्थानानुसार समय में अंतर संभव)

आज का अभिजीत मुहूर्त
दोपहर लगभग 11:58 बजे से 12:50 बजे तक।
यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि किसी कारणवश अन्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध न हो तो अभिजीत मुहूर्त में पूजा, नया कार्य, खरीदारी या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।
आज का अमृत काल
प्रातः लगभग 6:10 बजे से 7:42 बजे तक।
इस अवधि को अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और शुभ संकल्प के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है।

आज का राहुकाल
दोपहर लगभग 3:00 बजे से 4:30 बजे तक।
राहुकाल के दौरान नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, यात्रा या मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और ईश्वर का स्मरण किसी भी समय किया जा सकता है।

मंगला गौरी व्रत का महत्व
मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व सावन माह में पड़ने वाले मंगलवार को माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने, सुहाग सामग्री अर्पित करने, दीप जलाने और व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है। विवाहित महिलाओं के साथ-साथ अविवाहित कन्याएं भी योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं।

आज के दिन करें ये शुभ कार्य
सुबह स्नान कर माता मंगला गौरी की पूजा करें।
लाल या पीले रंग के पुष्प अर्पित करें।
सुहाग सामग्री अर्पित कर अखंड सौभाग्य की कामना करें।
जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा का दान दें।
परिवार के साथ शिव-पार्वती का पूजन और आरती करें।

आज इन बातों का रखें ध्यान
राहुकाल में नए कार्य शुरू करने से बचें।
क्रोध और विवाद से दूर रहें।
पूजा के समय मन को शांत रखें।
बिना आवश्यकता किसी का अपमान न करें।
सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचांग केवल शुभ-अशुभ समय बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह दिनभर की ग्रह-नक्षत्र स्थिति को समझने का भी आधार माना जाता है। यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या शुभ शुरुआत की योजना बना रहे हैं तो पंचांग के अनुसार समय का चयन करना लाभकारी माना जाता है।
डिस्क्लेमर: यह पंचांग सामान्य वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न शहरों और स्थानों के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, मुहूर्त एवं अन्य समय में कुछ अंतर हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण कार्य के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।

