By: Mala Mandal
देवघर। शहर के दीनबंधु उच्च विद्यालय स्थित रवीन्द्र सभागार में ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय, देवघर शाखा की ओर से नशामुक्ति एवं स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दीनबंधु उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों और किशोरों को स्वस्थ आदतें अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और जिम्मेदार जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सुनीता बहन, किरण बहन, सृष्टि बहन, ब्रह्माकुमार अशोक भाई एवं सुनील भाई ने विद्यालय के बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विशेष रूप से किशोर और युवा वर्ग को नशे से दूर रखना परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को कम उम्र से ही नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी देकर उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाना जरूरी है।

वक्ताओं ने बताया कि यह अभियान भारत सरकार के नशामुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और गृह मंत्रालय, भारत सरकार के बीच संपादित समझौता ज्ञापनों के सहयोग से अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यालयों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्वस्थ, मूलनिष्ठ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारीज के बहनों और भाइयों ने बच्चों से संवाद करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। बच्चों को समझाया गया कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और अनुशासित दिनचर्या बेहद जरूरी है।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अपने आसपास के वातावरण के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसके प्रति संवेदनशील रहते हुए उसे नशा छोड़ने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

ब्रह्माकुमारीज की टीम ने कहा कि देशभर के विद्यालयों तक पहुंचकर बच्चों और किशोर विद्यार्थियों को स्वस्थ आदतें अपनाने, सकारात्मक चिंतन, जिम्मेदार जीवन मूल्यों और नशामुक्त जीवनशैली के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि जीवन में तनाव, असफलता या किसी भी चुनौती का सामना नशे के सहारे नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन के माध्यम से किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम को विद्यालय और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की आयु और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को सकारात्मक एवं सहभागितापूर्ण तरीके से नशे के खिलाफ जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार और स्वस्थ जीवन मूल्यों का विकास जितनी जल्दी किया जाए, उतना ही बेहतर परिणाम समाज को मिल सकता है।

इस दौरान विद्यार्थियों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और अपनी रुचि के सकारात्मक क्षेत्रों में समय देने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खेल, योग, ध्यान, रचनात्मक गतिविधियां, अध्ययन और सामाजिक गतिविधियों से जुड़कर बच्चे अपनी ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। सकारात्मक वातावरण और परिवार का सहयोग भी बच्चों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक काजल कान्ति सिकदार ने भी अभियान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी विद्यालय की जिम्मेदारी है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की देवघर शाखा की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं की भी सक्रिय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सुनील कुमार सूर, मुनेश्वर प्रसाद यादव, जीतेन्द्र कुमार चन्द्र, उदय कुमार मंडल, मनीषा घोष, भारती कुमारी, सुदिप्ता चक्रवर्ती, विकास कुमार दास और राजू कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। इसके अलावा दीनबंधु उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और यदि विद्यार्थी स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो समाज और राष्ट्र को इसका लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों में भी नशामुक्ति को लेकर जागरूकता देखने को मिली। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है। इसके बजाय आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, परिवार का सहयोग और सही मार्गदर्शन जीवन की चुनौतियों से निपटने के बेहतर साधन हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक काजल कान्ति सिकदार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की देवघर शाखा के प्रतिनिधियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही विद्यालय परिसर में आयोजित नशामुक्ति जागरूकता अभियान का समापन हुआ।
इस आयोजन के माध्यम से दीनबंधु उच्च विद्यालय और मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के साथ-साथ स्वस्थ, सकारात्मक और जिम्मेदार जीवन जीने का संदेश मिला। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए बच्चों और युवाओं को जागरूक करना बेहद आवश्यक है और विद्यालय स्तर से शुरू होने वाले ऐसे अभियान आने वाली पीढ़ी को बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

