By: Vikash, Mala Mandal
देवघर, झारखंड के देवघर में आज केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने मिलकर महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने में बाधा डाली है और यह देश की आधी आबादी का अपमान है।

प्रेस वार्ता में बोलते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक पहल की है। लेकिन जब इस बिल को पारित कराने की बात आई, तो इंडी गठबंधन के नेताओं ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा, “जब भी महिलाओं के सशक्तिकरण की बात आती है, विपक्ष की मानसिकता सामने आ जाती है। यह वही लोग हैं जो महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखते हैं, लेकिन उन्हें नेतृत्व देने से कतराते हैं।”

अन्नपूर्णा देवी ने दावा किया कि देशभर में महिलाओं के बीच इस मुद्दे को लेकर आक्रोश है और कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विरोध इस बात का संकेत है कि महिलाएं अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हैं और उन्हें रोकना आसान नहीं है।
महिला सशक्तिकरण पर केंद्र सरकार का जोर
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से अब तक केंद्र सरकार ने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, रोजगार हो, विज्ञान हो या अंतरिक्ष।
उन्होंने कहा, “आज की महिला आंगन से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी पहचान बना रही है। अब समय आ गया है कि उन्हें राजनीतिक रूप से भी सशक्त किया जाए, ताकि वे नीति निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।”

कांग्रेस और विपक्ष पर ऐतिहासिक आरोप
अन्नपूर्णा देवी ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब-जब महिला आरक्षण की बात उठी, कांग्रेस ने उसका विरोध किया या उसे टालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता हमेशा से महिलाओं और पिछड़े वर्गों के प्रति नकारात्मक रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 50 वर्षों से अधिक समय तक सत्ता में रही, लेकिन उसने ओबीसी समाज के हितों की अनदेखी की। मंडल आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे वर्षों तक दबाकर रखा गया और लागू करने में भी कांग्रेस ने कोई रुचि नहीं दिखाई।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी ने मंडल आयोग के खिलाफ भाषण दिया था, जबकि वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओबीसी समाज को संवैधानिक दर्जा देकर उनका सम्मान बढ़ाया है।

नारी शक्ति अधिनियम पर राजनीति का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नारी शक्ति अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानून को भी विपक्ष ने राजनीति का मुद्दा बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य देश को बांटना और समाज में भ्रम फैलाना है। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेताओं के लिए सत्ता ही सर्वोपरि है। उन्हें महिलाओं के अधिकारों से कोई सरोकार नहीं है। लेकिन देश की महिलाएं अब जाग चुकी हैं और उन्हें अपना हक चाहिए।”

गांव से शहर तक महिलाओं का समर्थन
अन्नपूर्णा देवी ने दावा किया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर गांव से लेकर शहर तक महिलाओं का व्यापक समर्थन केंद्र सरकार को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने का सबसे बड़ा कदम साबित होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इस दिशा में काम करती रहेगी।

देवघर में आयोजित इस प्रेस वार्ता के जरिए केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने स्पष्ट संकेत दिया कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण होने वाला है। उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया और कहा कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

