By: Vikash, Mala Mandal
रामचंद्र गोयनका चैरिटेबल ट्रस्ट की संपत्ति पर अवैध निर्माण और बिक्री की शिकायत के बाद प्रशासन को कार्रवाई का आदेश
देवघर। झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने देवघर नगर निगम क्षेत्र में स्थित रामचंद्र गोयनका चैरिटेबल ट्रस्ट (कबूतर धर्मशाला) की जमीन की अवैध बिक्री और निर्माण कार्यों पर सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बिना अनुमति धर्मशाला की भूमि का किसी भी प्रकार से हस्तांतरण या निर्माण गैरकानूनी है और इस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।

यह पत्र झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जय शंकर पाठक द्वारा उपायुक्त, देवघर को संबोधित करते हुए जारी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि देवघर नगर निगम के महापौर कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार कुछ भू-माफियाओं और संदिग्ध तत्वों द्वारा कबूतर धर्मशाला की जमीन को अवैध रूप से बेचा जा रहा है और वहां निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रामचंद्र गोयनका चैरिटेबल ट्रस्ट, जो कि कबूतर धर्मशाला के नाम से प्रसिद्ध है, पहले बिहार राज्य हिंदू धार्मिक न्यास परिषद, पटना के अधीन था, लेकिन वर्तमान में यह झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में इस संपत्ति से संबंधित किसी भी प्रकार का निर्णय बोर्ड की अनुमति के बिना नहीं लिया जा सकता।

धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 44 का हवाला देते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बिना बोर्ड की पूर्व स्वीकृति के धर्मशाला की भूमि की बिक्री या लीज देना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति या समूह इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बोर्ड ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें कि अवैध बिक्री और निर्माण कार्यों को तुरंत रोका जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और की गई कार्रवाई की जानकारी बोर्ड को भी उपलब्ध कराई जाए।

यह धर्मशाला देवघर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण ठहराव स्थल है, खासकर श्रावणी मेला के दौरान जब लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह की धार्मिक और सार्वजनिक उपयोग की संपत्ति पर अवैध कब्जा या बिक्री न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ भी खिलवाड़ है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन जल्द ही जांच टीम गठित कर सकता है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगी। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देवघर में धार्मिक ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता बरती जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।
झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा उठाया गया यह कदम यह दर्शाता है कि अब धार्मिक संपत्तियों के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

