By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ देवघर पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच साइबर थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने छह संदिग्ध साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों पर फर्जी तरीके से लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार की जा रही कार्रवाई के क्रम में पुलिस को देवघर जिले के पथरड्डा ओपी क्षेत्र से साइबर ठगी में संलिप्त संदिग्धों के बारे में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ लोग फर्जी तरीके से Flipkart, Amazon के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, Airtel Payment Bank पदाधिकारी एवं अन्य नामों का इस्तेमाल कर आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की गई। प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड के माध्यम से किए गए लेन-देन तथा अन्य डिजिटल गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रही है।
फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों की कथित अपराध शैली भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को Google Pay, PhonePe और Paytm का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद समस्या के समाधान के नाम पर उपभोक्ताओं को अपने झांसे में लिया जाता था। आरोपी लोगों से कैश बैक दिलाने अथवा किसी समस्या का समाधान करने के नाम पर विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद इसी जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देने का आरोप है।

APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेने की कोशिश
गिरफ्तार साइबर अपराधियों की दूसरी कथित कार्यशैली में APK फाइल का इस्तेमाल शामिल है। पुलिस के अनुसार आरोपी PM Kisan Yojana, बिजली बिल और RTO Challan जैसे नामों का इस्तेमाल कर लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेजते थे। लोगों को सरकारी योजना, बिजली बिल या चालान से संबंधित जानकारी बताकर फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से साइबर अपराधी पीड़ित के मोबाइल तक पहुंच बनाने और डिजिटल जानकारी हासिल करने का प्रयास करते थे।

Airtel Payment Bank अधिकारी बनकर भी ठगी
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधियों द्वारा Airtel Payment Bank के फर्जी अधिकारी बनकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। आरोपी उपभोक्ताओं को फोन कर उनके Airtel Payment Bank खाते में समस्या होने की बात कहते थे। इसके बाद उन्हें बताया जाता था कि खाता बंद या सस्पेंड होने वाला है। खाते को दोबारा चालू करने अथवा Airtel Payment Bank कार्ड को पुनः एक्टिवेट करने के नाम पर आरोपियों द्वारा उपभोक्ताओं को झांसे में लिया जाता था। पुलिस के अनुसार इसी प्रक्रिया के दौरान साइबर अपराधी लोगों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर ठगी करते थे।

छह आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में संजित कुमार दास, सरोज कुमार दास, नितेश कुमार दास, मुन्ना कुमार दास, शिवनंदन कुमार तथा अनवर अंसारी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों की उम्र लगभग 20 से 33 वर्ष के बीच है और वे देवघर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के पूर्व आपराधिक इतिहास की भी जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार संजीत दास तथा सरोज कुमार दास पूर्व में भी देवघर साइबर थाना कांड संख्या 68/25 एवं 136/24 में आरोपित रहे हैं। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और पूर्व में की गई साइबर ठगी की घटनाओं से उनके संबंधों की जांच कर रही है।

12 मोबाइल और 13 सिम कार्ड बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार तकनीकी जांच के बाद बरामद मोबाइल नंबरों और IMEI नंबरों से जुड़े साइबर ठगी के मामलों की जानकारी विभिन्न राज्यों से सामने आई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और साइबर ठगी से कितनी रकम की अवैध कमाई की गई। पुलिस द्वारा मोबाइल फोन की डिजिटल जांच और संदिग्ध बैंक खातों एवं लेन-देन की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में साइबर थाना देवघर के पुलिस पदाधिकारी, पथरड्डा ओपी प्रभारी एवं पुलिस टीम तथा संबंधित थाना की टीम शामिल रही। पुलिस ने गुप्त सूचना, तकनीकी जांच और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। देवघर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

आम लोगों से सतर्क रहने की अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर खुद को बैंक, कस्टमर केयर, सरकारी अधिकारी या किसी ऑनलाइन कंपनी का प्रतिनिधि बताने पर बिना सत्यापन के कोई जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करें। बैंक खाते, ATM/डेबिट कार्ड, UPI, OTP, PIN और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
देवघर पुलिस ने साइबर अपराध की शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का इस्तेमाल करने की अपील की है। समय रहते शिकायत मिलने पर साइबर ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
देवघर पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर यह संकेत देती है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की निगरानी और तकनीकी कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके पूरे नेटवर्क और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

