By: Mala Mandal
देवघर, 22 अगस्त 2026। राजकीय श्रावणी मेला-2026 के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवारी को लेकर देवघर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। अंतिम सोमवारी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की कतार के सुचारु संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर विशेष तैयारी की है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक, देवघर श्री प्रवीण पुष्कर ने शनिवार को 23 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) एवं CRPF टीमों के साथ विशेष समीक्षा बैठक की। बैठक में राजकीय श्रावणी मेला के दौरान संपन्न हो चुकीं तीनों सोमवारी के अनुभवों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पूर्व की सोमवारी के दौरान सामने आई चुनौतियों, भीड़ के दबाव, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं जवानों को पूर्व के अनुभवों से सीख लेते हुए अंतिम सोमवारी पर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
अंतिम सोमवारी को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करना और उन्हें सुरक्षित तरीके से बाबा बैद्यनाथ मंदिर तक पहुंचाना है। इसके लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर रणनीतिक तरीके से तैनात करने और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्रद्धालुओं की कतार का संचालन व्यवस्थित तरीके से किया जाए, ताकि किसी भी स्थान पर अनावश्यक भीड़ का दबाव उत्पन्न न हो। पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने तथा परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लेने को कहा गया है।

23 QRT और CRPF टीमों की अहम भूमिका
समीक्षा बैठक में QRT यानी क्विक रिस्पांस टीम की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने QRT को सोमवारी ड्यूटी का विशेष एवं महत्वपूर्ण अंग बताते हुए सभी टीमों को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सूचना या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर वायरलेस के माध्यम से तत्काल अपडेट किया जाए। इसके बाद संबंधित टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बिना समय गंवाए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

वायरलेस सिस्टम से तत्काल समन्वय
अंतिम सोमवारी के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती को देखते हुए आपसी संचार व्यवस्था को मजबूत रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी टीमों को निर्देश दिया कि किसी भी महत्वपूर्ण सूचना को छिपाया या देर से साझा न किया जाए। वायरलेस के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और टीमों को तत्काल अपडेट किया जाए, जिससे जरूरत पड़ने पर मौके पर त्वरित बल पहुंचाया जा सके।
इस व्यवस्था से भीड़ के अचानक बढ़ने, किसी श्रद्धालु के परेशानी में आने, मार्ग में अवरोध उत्पन्न होने या किसी अन्य आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

पूर्व की तीन सोमवारी के अनुभवों से मिली सीख
बैठक के दौरान पूर्व में संपन्न हुई तीनों सोमवारी के दौरान पुलिस व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने उन स्थानों और परिस्थितियों को चिन्हित किया, जहां भीड़ का दबाव अधिक रहा या अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता महसूस हुई। अंतिम सोमवारी के दौरान ऐसी परिस्थितियों से बेहतर तरीके से निपटने के लिए आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए मेला क्षेत्र में तैनात सभी पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने को कहा गया है।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित
समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला के दौरान उत्कृष्ट, सराहनीय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को रिवॉर्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। इस घोषणा से ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। लंबे समय तक चलने वाले श्रावणी मेला के दौरान पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। ऐसे में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किए जाने से अन्य जवानों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

सुरक्षित और सफल सोमवारी संचालन का लक्ष्य
राजकीय श्रावणी मेला-2026 की अंतिम सोमवारी देवघर के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस दोनों स्तरों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा का दर्शन और जलार्पण कर सकें तथा मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत बनी रहे।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की समीक्षा बैठक के बाद QRT और CRPF की टीमों को अंतिम सोमवारी के लिए विशेष रूप से अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया, बेहतर
वायरलेस समन्वय, प्रभावी भीड़ प्रबंधन और लगातार निगरानी के माध्यम से अंतिम सोमवारी को सुरक्षित एवं सफल बनाने की तैयारी की जा रही है।


