By: Mala Mandal
देवघर: राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यव्यापी निषिद्ध मादक पदार्थ जागरूकता अभियान (10 जून–25 जून 2026) के तहत 15 जून 2026 को देवघर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नशा उन्मूलन को लेकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना था।

इस विशेष अभियान के दौरान जिला पुलिस प्रशासन ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली तथा लोगों ने नशा मुक्त जीवन अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

मीना बाजार में चला विशेष जांच अभियान, ब्रेथ एनालाईजर से हुई जांच
अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक सीसीआर देवघर के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम द्वारा नगर थाना क्षेत्र स्थित मीना बाजार में विशेष जागरूकता और जांच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को सड़क सुरक्षा और नशा नियंत्रण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान ब्रेथ एनालाईजर मशीन के माध्यम से लोगों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को यह जानकारी दी कि नशे की अवस्था में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इस अवसर पर वाहन चालकों और आम नागरिकों से अपील की गई कि वे शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन न चलाएं तथा परिवार और समाज में भी सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा दें। कई लोगों ने मौके पर नशे में वाहन नहीं चलाने का संकल्प लिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया गया जागरूकता अभियान
अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। खागा थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस टीम द्वारा विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम चलाया गया। गांवों में लोगों के बीच जाकर नशे के दुष्प्रभावों और उसके सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। युवाओं को विशेष रूप से नशे से दूर रहने और शिक्षा, खेल तथा सकारात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान देने की सलाह दी गई।

नशा मुक्त जीवन के लाभों पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान लोगों को नशा मुक्त जीवन के कई सकारात्मक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि नशे से दूरी बनाकर व्यक्ति बेहतर स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता और पारिवारिक खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ सकता है।अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि नशा नियंत्रण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। परिवार, विद्यालय, सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय समुदाय मिलकर इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

समाज के सहयोग से बनेगा नशा मुक्त वातावरण
जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने तथा अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके। साथ ही लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी मिले तो उसकी सूचना संबंधित प्रशासनिक तंत्र को दें।

राज्यव्यापी निषिद्ध मादक पदार्थ जागरूकता अभियान के तहत देवघर में आयोजित यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक जागरूकता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है। प्रशासन को उम्मीद है कि जनसहभागिता के माध्यम से नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।


