By: Mala Mandal
देवघर, 16 जून: शहादत दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक रोहिणी शहीद स्थल पर मंगलवार को एक गरिमामय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की आजादी के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों शहीद सलामत अली, शहीद अमानत अली और शहीद शेख हारून को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज को सलामी देकर की गई। इसके बाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, नगर निगम महापौर, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों के सर्वोच्च बलिदान को याद करना केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि रोहिणी की यह ऐतिहासिक धरती त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि देशभक्तों की सच्ची श्रद्धांजलि केवल पुष्प अर्पित करने से नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने से होगी। समाज और राज्य की सेवा की भावना को सर्वोपरि रखते हुए हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से समाज की बेहतरी के लिए आगे आने और सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने की अपील की।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि रोहिणी शहीद स्थल पार्क क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान है और इसके संरक्षण एवं विकास की दिशा में प्रशासन गंभीर है। जल्द ही पार्क के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा ताकि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन सके। उन्होंने समिति के सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने भी शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश के वीर बलिदानियों ने अपने जीवन का सर्वोच्च त्याग कर स्वतंत्रता की नींव रखी। उन्होंने कहा कि आज भारत जिन स्वतंत्रताओं का अनुभव कर रहा है, उसके पीछे अनगिनत देशभक्तों का बलिदान छिपा हुआ है।
उन्होंने कहा कि शहीद सलामत अली, अमानत अली और शेख हारून जैसे वीरों की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। देशहित और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाना ही इन महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया। उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने परिजनों को शॉल भेंट कर सम्मान प्रदान किया तथा राष्ट्र निर्माण में उनके परिवारों के ऐतिहासिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्रद्धांजलि सभा में नगर निगम महापौर रवि राउत, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, ताराचंद जैन, दिगंबर जैन धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष, सुधीर देव समिति के अध्यक्ष, प्रो. रामनंदन सिंह, जिला योजना पदाधिकारी, उप नगर आयुक्त, गोपनीय प्रभारी, जिला खेल पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित, सामाजिक विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। रोहिणी शहीद स्थल पर आयोजित यह श्रद्धांजलि समारोह न केवल शहीदों को याद करने का अवसर बना, बल्कि समाज को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने वाला आयोजन भी साबित हुआ।3. देवघर में शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का सम्मान और ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण पर जोर।

