By: Vikash Kumar (Vicky)
Afternoon Nap Benefits: दोपहर की छोटी सी नींद कर सकती है कमाल
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लगातार काम, स्क्रीन टाइम, भागदौड़ और नींद की कमी का असर सबसे पहले शरीर और दिमाग पर दिखाई देता है। सुबह से काम करने के बाद दोपहर तक पहुंचते-पहुंचते कई लोगों को थकान, सुस्ती और ध्यान लगाने में परेशानी महसूस होने लगती है। ऐसे में अगर आपको दिन के बीच में कुछ देर आंखें बंद करके आराम करने का मौका मिल जाए तो शरीर और दिमाग दोनों को राहत मिल सकती है। दोपहर में ली जाने वाली छोटी झपकी यानी पावर नैप को दिनभर की थकान कम करने और कुछ समय के लिए मानसिक ताजगी महसूस करने का आसान तरीका माना जाता है। खास बात यह है कि इसके लिए घंटों सोने की जरूरत नहीं होती। सही समय पर थोड़ी देर की झपकी भी आपको तरोताजा महसूस करा सकती है।

कितनी देर की झपकी है सबसे बेहतर?
अगर आप दोपहर में झपकी लेना चाहते हैं तो आमतौर पर 10 से 20 मिनट की छोटी झपकी एक व्यावहारिक विकल्प मानी जाती है। इतनी देर आराम करने से कई लोगों को उठने के बाद ज्यादा भारीपन महसूस नहीं होता और वे अपने काम पर दोबारा ध्यान लगा पाते हैं। इसे पावर नैप भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य रात की नींद की जगह लेना नहीं, बल्कि दिन के बीच में थोड़ी देर आराम देकर सतर्कता और ताजगी महसूस करना है।

दिमाग के लिए क्यों फायदेमंद हो सकती है छोटी झपकी?
लगातार कई घंटे तक पढ़ाई या काम करने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। ऐसे में थोड़े समय की नींद या आराम से दिमाग को कुछ देर के लिए काम से ब्रेक मिलता है। झपकी के बाद व्यक्ति खुद को ज्यादा तरोताजा और सतर्क महसूस कर सकता है। कुछ शोधों में दिन में छोटी झपकी को सतर्कता, ध्यान और कुछ प्रकार की याददाश्त से जुड़े बेहतर प्रदर्शन के साथ जोड़ा गया है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।

बढ़ सकता है फोकस और एकाग्रता
दोपहर के समय अक्सर लोगों को नींद या सुस्ती महसूस होती है। इसे सामान्य afternoon slump भी कहा जाता है। इस दौरान पढ़ाई, ऑफिस का काम या किसी जरूरी गतिविधि पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल लग सकता है। ऐसे समय में छोटी झपकी लेने से जागने के बाद सतर्कता बढ़ने और काम पर दोबारा ध्यान लगाने में मदद मिल सकती है। अगर आप लगातार कई घंटे कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन के सामने काम करते हैं, तो थोड़ी देर का ब्रेक और आराम मानसिक थकान को कम महसूस कराने में मदद कर सकता है।

मूड भी हो सकता है बेहतर
थकान का असर सिर्फ काम करने की क्षमता पर नहीं बल्कि मूड पर भी पड़ सकता है। नींद पूरी न होने पर चिड़चिड़ापन या बेचैनी महसूस हो सकती है। दिन में थोड़ी देर आराम करने से कुछ लोगों को मूड बेहतर महसूस हो सकता है। हालांकि अगर रोजाना बहुत ज्यादा नींद आने लगे या दिन में बार-बार सोने की जरूरत महसूस हो तो इसे सिर्फ थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दोपहर में कब लें झपकी?
दोपहर में झपकी लेने का सही समय व्यक्ति की दिनचर्या और रात की नींद पर निर्भर करता है। आमतौर पर दोपहर के शुरुआती हिस्से में छोटी झपकी लेना रात की नींद को प्रभावित करने की संभावना को देर शाम की झपकी की तुलना में कम कर सकता है। अगर आपको रात में सोने में पहले से परेशानी होती है, तो देर दोपहर या शाम के समय झपकी लेने से बचना बेहतर हो सकता है।

ज्यादा देर सोने से क्यों बचें?
दोपहर की झपकी अगर बहुत लंबी हो जाए तो उठने के बाद कुछ लोगों को भारीपन, सुस्ती या भ्रम जैसा महसूस हो सकता है। इसे sleep inertia कहा जाता है। इसके अलावा देर तक दिन में सोने से कुछ लोगों की रात की नींद भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए अगर आपका उद्देश्य सिर्फ थकान कम करना और कुछ समय के लिए तरोताजा महसूस करना है, तो छोटी झपकी अधिक सुविधाजनक विकल्प हो सकती है।

पावर नैप लेने का सही तरीका
दोपहर में झपकी लेने के लिए शांत और आरामदायक जगह चुनें। मोबाइल का अलार्म पहले से लगा लें ताकि नींद जरूरत से ज्यादा लंबी न हो जाए। कमरे में बहुत ज्यादा रोशनी या शोर हो तो उसे कम करने की कोशिश करें। झपकी के बाद तुरंत बहुत भारी काम शुरू करने के बजाय एक-दो मिनट शरीर को सामान्य होने दें। थोड़ा पानी पीकर और हल्का स्ट्रेच करके आप अपने काम पर वापस लौट सकते हैं।
क्या रात की नींद की कमी पूरी कर सकती है झपकी?
यह समझना बेहद जरूरी है कि दोपहर की छोटी झपकी रात की पर्याप्त नींद का विकल्प नहीं है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना कम सो रहा है तो केवल दिन में झपकी लेकर नींद की कमी को पूरी तरह दूर नहीं किया जा सकता। वयस्कों के लिए नियमित और पर्याप्त रात की नींद शरीर और दिमाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिन की झपकी को अतिरिक्त आराम के तौर पर देखना बेहतर है, न कि रात की नींद के विकल्प के रूप में।

किन लोगों को झपकी लेने में सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर आपको रात में नींद आने में परेशानी रहती है, बार-बार नींद खुलती है या दिन में अत्यधिक नींद आती है तो अपनी झपकी की अवधि और समय पर ध्यान देना जरूरी है। लगातार दिन में बहुत ज्यादा नींद आना किसी नींद संबंधी समस्या या अन्य स्वास्थ्य कारण से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा, खासकर तब जब पर्याप्त रात की नींद लेने के बावजूद दिनभर अत्यधिक नींद या थकान बनी रहती हो।

छोटी झपकी, बड़ा ब्रेक
दोपहर की 10 से 20 मिनट की छोटी झपकी आपके व्यस्त दिन में एक छोटा सा ब्रेक दे सकती है। इससे कुछ लोगों को थकान कम महसूस होने, सतर्कता बढ़ाने और काम पर दोबारा ध्यान लगाने में मदद मिल सकती है। लेकिन इसका सबसे ज्यादा फायदा तभी मिलेगा जब रात की नींद भी पर्याप्त और नियमित हो।
इसलिए अगर दोपहर के समय आपकी आंखें भारी होने लगती हैं और आपके पास कुछ मिनट का समय है, तो आराम की छोटी सी झपकी आपके दिन को फिर से ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकती है।

यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। झपकी के फायदे और उसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। यह किसी बीमारी का इलाज या चिकित्सकीय सलाह नहीं है। अगर आपको लगातार अत्यधिक नींद, लंबे समय से थकान, नींद से जुड़ी परेशानी या अन्य स्वास्थ्य समस्या रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
