By: Mala Mandal
Exercise Ke Baad Saans Phoolna: आजकल फिट और स्वस्थ रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग रोजाना एक्सरसाइज, वॉकिंग, रनिंग, जिम या योग करते हैं। लेकिन कई लोगों को व्यायाम करते समय या एक्सरसाइज खत्म करने के तुरंत बाद सांस फूलने लगती है। कुछ लोगों को थोड़ी देर आराम करने के बाद सांस सामान्य हो जाती है, जबकि कुछ लोगों में सांस फूलने के साथ सीने में भारीपन, चक्कर या अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। दरअसल, एक्सरसाइज के दौरान शरीर की मांसपेशियों को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसी वजह से दिल की धड़कन और सांस लेने की गति बढ़ जाती है। इसलिए तेज एक्सरसाइज, दौड़ने या लंबे समय तक वर्कआउट करने के बाद कुछ समय के लिए सांस फूलना सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन अगर सांस जरूरत से ज्यादा फूल रही है, बहुत देर तक सामान्य नहीं हो रही या इसके साथ कुछ दूसरे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

एक्सरसाइज के बाद सांस क्यों फूलती है?
जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो शरीर की ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है। मांसपेशियों तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए सांस लेने की गति तेज हो जाती है। साथ ही दिल भी तेजी से रक्त पंप करता है। इसी कारण वर्कआउट के दौरान व्यक्ति को सामान्य से ज्यादा तेजी से सांस लेने की जरूरत महसूस होती है। अगर आपने लंबे समय बाद एक्सरसाइज शुरू की है या अचानक बहुत तेज वर्कआउट किया है, तो सांस अधिक फूल सकती है। कम फिटनेस लेवल, लंबे समय तक बैठे रहने की आदत और शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव पड़ने से भी ऐसा हो सकता है।

क्या हर बार सांस फूलना सामान्य है?
नहीं। हल्की या मध्यम एक्सरसाइज के बाद थोड़ी देर के लिए सांस फूलना आम बात हो सकती है, खासकर जब शरीर उस गतिविधि का अभ्यस्त न हो। आमतौर पर एक्सरसाइज की तीव्रता कम करने या आराम करने के बाद सांस धीरे-धीरे सामान्य हो जानी चाहिए। लेकिन अगर हल्की एक्सरसाइज जैसे सामान्य वॉकिंग या सीढ़ियां चढ़ने पर भी बहुत ज्यादा सांस फूलने लगे, तो इसकी वजह केवल कम फिटनेस होना जरूरी नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
इन लक्षणों के साथ सांस फूलना हो तो सावधान हो जाएं
अगर एक्सरसाइज के दौरान या उसके बाद सांस फूलने के साथ निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए:
सीने में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होना
अचानक बहुत ज्यादा सांस फूलना
आराम करने के बाद भी सांस सामान्य न होना
चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित महसूस होना
असामान्य कमजोरी या अत्यधिक थकान
होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना
सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना
इनमें से कोई गंभीर लक्षण अचानक दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी हो सकता है।

कब डॉक्टर से करानी चाहिए जांच?
अगर आपको बार-बार एक्सरसाइज के दौरान असामान्य रूप से सांस फूलती है, तो डॉक्टर से इसकी वजह पता करना जरूरी है। खासकर तब जब पहले इतनी समस्या नहीं होती थी और हाल में सांस फूलने की समस्या शुरू हुई है। डॉक्टर आपकी उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, फिटनेस लेवल और लक्षणों के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, ऑक्सीजन लेवल, ईसीजी, छाती की जांच या फेफड़ों से जुड़ी जांच भी कराई जा सकती है।

अस्थमा और एलर्जी भी हो सकती है वजह
कुछ लोगों में एक्सरसाइज के दौरान सांस फूलने का संबंध अस्थमा या वायुमार्ग की संवेदनशीलता से हो सकता है। ऐसे लोगों को वर्कआउट के दौरान खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज महसूस हो सकती है। ठंडी या सूखी हवा में एक्सरसाइज करने से कुछ लोगों में सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ सकती है। यदि हर बार एक खास तरह की एक्सरसाइज या वातावरण में ये लक्षण होते हैं, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें।

एनीमिया में भी जल्दी फूल सकती है सांस
शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को सामान्य काम या हल्की एक्सरसाइज के दौरान भी थकान, कमजोरी और सांस फूलने की शिकायत हो सकती है। अगर सांस फूलने के साथ लगातार कमजोरी, चक्कर या थकान महसूस होती है, तो डॉक्टर की सलाह से आवश्यक जांच कराना उपयोगी हो सकता है।
दिल से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है
कुछ मामलों में एक्सरसाइज के दौरान सांस फूलना हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। खासतौर पर अगर सांस फूलने के साथ सीने में दर्द या दबाव, असामान्य धड़कन, चक्कर या बेहोशी जैसी समस्या हो। ऐसे लक्षणों को केवल एक्सरसाइज का सामान्य प्रभाव मानकर टालना सही नहीं है। अचानक या गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
एक्सरसाइज करते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप नियमित रूप से वर्कआउट करते हैं तो शुरुआत हमेशा धीरे-धीरे करें। शरीर को अचानक बहुत ज्यादा मेहनत कराने के बजाय एक्सरसाइज की तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ाएं। वर्कआउट से पहले पर्याप्त वार्मअप करें और एक्सरसाइज के बाद अचानक रुकने के बजाय कुछ मिनट हल्की गतिविधि करें। शरीर को पर्याप्त पानी दें और अपनी क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करें। अगर किसी एक्सरसाइज के दौरान शरीर असामान्य संकेत दे रहा है तो उसे नजरअंदाज करके जबरदस्ती वर्कआउट जारी न रखें।

कितनी देर में सांस सामान्य होनी चाहिए?
हर व्यक्ति की फिटनेस और एक्सरसाइज की तीव्रता अलग होती है, इसलिए सांस सामान्य होने में लगने वाला समय भी अलग हो सकता है। तेज दौड़ या कठिन वर्कआउट के बाद कुछ समय तक सांस तेज रहना सामान्य हो सकता है। लेकिन आराम करने के बावजूद सांस फूलती रहे या समस्या लगातार बढ़ती जाए तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। याद रखें, एक्सरसाइज का उद्देश्य शरीर को स्वस्थ बनाना है, खुद को अत्यधिक थकाना नहीं। अगर आपका शरीर बार-बार संकेत दे रहा है कि कुछ सामान्य नहीं है, तो उस संकेत को नजरअंदाज न करें।

एक्सरसाइज के दौरान और उसके तुरंत बाद सांस फूलना कई बार शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। खासकर जब आपने तेज वर्कआउट किया हो या आपका शरीर उस स्तर की मेहनत का आदी न हो। लेकिन सांस फूलने की समस्या बार-बार हो, हल्की गतिविधि में भी हो या इसके साथ सीने में दर्द, चक्कर, बेहोशी, असामान्य धड़कन या सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

यह खबर सामान्य स्वास्थ्य जान
कारी के लिए है। सांस फूलने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं और केवल लक्षणों के आधार पर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता। गंभीर, अचानक या लगातार बने रहने वाले लक्षणों में डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करें।

