By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर खिजुरिया स्थित कांवरिया पथ पर अंतर्राष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा द्वारा संचालित महामंडलेश्वर कांवरिया सेवा शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन जूना किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर एवं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राजेश्वरीनंद गिरी उर्फ रोज मौसी ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने शिवभक्तों की सेवा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए कहा कि श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है।

महामंडलेश्वर राजेश्वरीनंद गिरी ने बताया कि इस सेवा शिविर का नाम महामंडलेश्वर कांवरिया सेवा शिविर रखा गया है। यहां पूरे श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को पूरी तरह निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले कांवरियों के लिए शुद्ध पेयजल, शरबत, विश्राम की व्यवस्था, निःशुल्क आवासन, प्राथमिक चिकित्सा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि लंबी पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी करते हैं। ऐसे में रास्ते में विश्राम, चिकित्सा और भोजन जैसी सुविधाएं उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा लगातार सेवा कार्यों में जुटा हुआ है।

महामंडलेश्वर राजेश्वरीनंद गिरी ने बताया कि यह सेवा शिविर लगातार एक माह तक संचालित होगा। इस दौरान दिन-रात स्वयं किन्नर समाज के सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर का संचालन पूरी तरह किन्नरों द्वारा किया जा रहा है, जिसके कारण यह शिविर पूरे कांवरिया पथ में आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां रुककर विश्राम कर रहे हैं और सेवा कार्यों की सराहना भी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा द्वारा श्रावणी मेले में सेवा शिविर का संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के बढ़ते विश्वास और सहयोग को देखते हुए इस वर्ष शिविर को पहले से अधिक भव्य रूप दिया गया है। इस बार कांवरिया पथ के दोनों ओर विशाल पंडाल का निर्माण कराया गया है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रुकने और आराम करने की व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से रात में विश्राम करने वाले कांवरियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवासन की व्यवस्था की गई है।

राजेश्वरीनंद गिरी ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की कृपा से सेवा का यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि सेवा शिविर के संचालन में हर संभव सहयोग करें, ताकि बाबा भोलेनाथ के भक्तों की सेवा बिना किसी बाधा के निरंतर जारी रह सके। उनका कहना था कि समाज के सभी वर्गों को मानव सेवा के इस कार्य में आगे आना चाहिए, क्योंकि शिवभक्तों की सेवा ही सच्ची शिव सेवा है।

श्रावणी मेले में किन्नर समाज की सक्रिय भागीदारी सामाजिक समरसता और सेवा भावना का भी संदेश दे रही है। शिविर में आने वाले श्रद्धालु न केवल यहां उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, बल्कि किन्नर समाज द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा भी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि लंबी यात्रा के दौरान इस प्रकार के निःशुल्क सेवा शिविर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और उनकी यात्रा को अधिक सुगम बनाते हैं।

उद्घाटन समारोह के दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार और बाबा भोलेनाथ के जयकारों के बीच शिविर का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर महंत अजीत सिंह रुद्र, आचार्य रूपेश पांडेय, राजवर्धन वत्स, दुर्गा बाबा सहित बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और किन्नर समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में किन्नर मुस्कान, शबनम, लवली, रूपा, अनुष्का, मौनी, राखी समेत कई किन्नरों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सेवा कार्यों में भागीदारी निभाई। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कांवरियों को इसका लाभ मिल सके।

श्रावणी मेला 2026 के दौरान खिजुरिया कांवरिया पथ पर स्थापित यह सेवा शिविर श्रद्धालुओं के लिए राहत का केंद्र बनकर उभर रहा है। निःस्वार्थ सेवा, सामाजिक समर्पण और धार्मिक आस्था का यह अनूठा संगम श्रावणी मेले की विशेष पहचान बनता जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह सेवा शिविर और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित होगा तथा लाखों शिवभक्तों की सेवा का माध्यम बनेगा।

