By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज का महत्व
आज 1 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज बैशाख पूर्णिमा है, जो सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन किए गए स्नान, दान, जप और पूजा-पाठ का कई गुना फल प्राप्त होता है। खास बात यह है कि आज अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

पंचांग के पांच अंग
पंचांग के पांच प्रमुख अंग—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—के आधार पर ही दिन के शुभ और अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। आज शुक्रवार का दिन है और पूर्णिमा तिथि रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ होगी।

सूर्योदय और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 56 मिनट पर। चंद्रमा का उदय शाम 6 बजकर 52 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन यानी 2 मई को सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर होगा। यह दिन चंद्र उपासना के लिए भी विशेष रूप से फलदायी माना गया है।

नक्षत्र और योग
नक्षत्र की बात करें तो आज स्वाती नक्षत्र भोर 4 बजकर 35 मिनट (2 मई) तक रहेगा, इसके बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। योग सिद्धि योग शाम 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है।

शुभ मुहूर्त का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज अभिजीत मुहूर्त और विजय मुहूर्त दोनों का एक साथ होना दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना या किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए यह समय उपयुक्त माना जा रहा है।

अशुभ समय से सावधानी
हालांकि, दिन में कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जैसे राहुकाल और भद्रा काल, जिनमें कोई भी शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इन समयों में किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं।

बैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा
बैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों ही घटनाएं हुई थीं। इसलिए इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है।

धार्मिक कार्य और दान का महत्व
श्रद्धालु इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, दान-पुण्य करते हैं, व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु व चंद्र देव की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल और धन का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है। साथ ही, चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले संबंधित विशेषज्ञ या ज्योतिषी की सलाह अवश्य लें। स्थान और समय के अनुसार पंचांग में परिवर्तन संभव है।

