By: Mala Mandal
रांची। झारखंड सरकार राज्य की सड़क एवं आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को राज्यभर में निर्माणाधीन सड़कों, फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज, पुल-पुलियों और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। प्रस्तुतीकरण के दौरान विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, लागत, समय-सीमा और कार्य प्रगति की जानकारी साझा की गई। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई परियोजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चल रही सभी सड़क एवं पुल परियोजनाओं का एक अद्यतन और सुव्यवस्थित डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी भी परियोजना की वास्तविक स्थिति, कार्य प्रगति, लागत और समय-सीमा की ऑनलाइन निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि जियो-टैगिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही तय होगी और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी बन सकेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी सभी परियोजनाओं का अद्यतन रिकॉर्ड नियमित रूप से तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल प्रशासनिक निगरानी मजबूत होगी, बल्कि आम जनता को भी विकास कार्यों की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लगातार सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनके समाधान में किसी प्रकार की देरी न हो। सभी शिकायतों का रिकॉर्ड तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान खराब सड़कों और जलजमाव के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गड्ढों की तत्काल मरम्मत, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और सड़क गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जहां सड़कें संकरी हैं, वहां चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि यातायात सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी परियोजना में निर्धारित मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क, पुल और फ्लाईओवर निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी परियोजना में गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी और एजेंसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की लंबित सड़क एवं पुल परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से राजधानी रांची सहित अन्य जिलों की लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख परियोजनाओं को आगामी दो माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया जाए। यदि तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सोलर साइकिल ट्रैक सहित अन्य नवीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आधुनिक परियोजनाओं के निर्माण में भी गुणवत्ता, मजबूती और समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, वर्षा जल की निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधारभूत संरचना विकसित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समय-समय पर उसकी समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना और सुरक्षित, सुगम एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।SEO Keywords: झारखंड मुख्यमंत्री, हेमंत सोरेन, पथ निर्माण विभाग, सड़क निर्माण, झारखंड सड़क परियोजना, जियो टैगिंग, रोड प्रोजेक्ट, फ्लाईओवर, पुल निर्माण, रांची, झारखंड न्यूज, रोड क्वालिटी, सड़क मरम्मत, सड़क विकास।
