By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतना चाहता। इसी क्रम में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र एवं कांवरिया रूटलाइन का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आईएसबीटी, कोठिया टेंट सिटी, सरसा, भलुवा, परित्राण, दुम्मा बॉर्डर तथा कांवरिया पथ का जायजा लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवासन, पेयजल, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य, विद्युत व्यवस्था और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला राज्य और देश की आस्था से जुड़ा आयोजन है, इसलिए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी तय समय सीमा के भीतर पूरी करे।

चार स्थानों पर विकसित होंगे व्यवस्थित पार्किंग स्थल
मेला के दौरान वाहनों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कोठिया, परित्राण, सरसा और भलुवा में बड़े एवं व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित करने का निर्णय लिया है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पार्किंग स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, सुगम प्रवेश और निकास मार्ग, प्रकाश व्यवस्था तथा महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय और स्नानगृह की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (साउंड सिस्टम), साफ-सफाई तथा सूचना संबंधी बैनर भी लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

टेंट सिटी में सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस
बाघमारा बस स्टैंड के समीप कोठिया में बनने वाली टेंट सिटी का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने आवासीय व्यवस्था की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि टेंट सिटी में स्वच्छता, पर्याप्त वेंटिलेशन, अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा और विद्युत ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसके अलावा शौचालयों की उचित दूरी, निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा विद्युत तारों की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया तक व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा
संयुक्त निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया तक कांवरिया पथ का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने निर्देश दिया कि पूरे कांवरिया पथ पर केवल महीन बालू ही बिछाई जाए ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही बिजली के झूलते तारों को ऊंचा करने, खराब विद्युत लाइनों की मरम्मत, चापाकलों के आसपास साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने तथा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।

स्वास्थ्य, पेयजल और सूचना केंद्र समय पर हों तैयार
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक शिविर, पुलिस ओपी, स्वास्थ्य केंद्र, सूचना सह सहायता केंद्र, पर्यटन सहायता केंद्र, होल्डिंग प्वाइंट, शौचालय, स्नानगृह तथा इंद्र वर्षा जैसी सुविधाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं स्थापना कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएं ताकि मेला शुरू होने से पहले प्रत्येक सुविधा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हो सके।

साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर
गर्मी और भीड़ को देखते हुए उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल तथा नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे पेयजल एवं साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शौचालयों की नियमित सफाई हो, नलों से निकलने वाला पानी रास्तों पर जमा न हो तथा कांवरिया पथ और आसपास के गांवों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा चापाकलों एवं पेयजल केंद्रों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी विद्युत लाइनों की तकनीकी जांच, विद्युत ऑडिट तथा सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि कहीं भी खुले तार या असुरक्षित विद्युत व्यवस्था नहीं रहनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके।

आध्यात्मिक भवन की सुविधाएं हों और बेहतर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने आध्यात्मिक भवन का भी जायजा लिया और वहां श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवास, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

समय पर पूरे हों सभी कार्य
उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

संयुक्त निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, ट्रैफिक डीएसपी, हेडक्वार्टर डीएसपी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत, भवन प्रमंडल, आरसीडी, एनआरपी के कार्यपालक अभियंता, अंचलाधिकारी, नगर निगम की टीम, डीएमएफटी की टीम तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।
