By: Mala Mandal
देवघर समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में राजस्व, भू-अर्जन और विकास योजनाओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, भू-हस्तांतरण तथा राजस्व मामलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में चल रही कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भूमि हस्तांतरण या अधिग्रहण से जुड़े मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए, ताकि परियोजनाएं समय पर धरातल पर उतर सकें।

समीक्षा के दौरान जिले में प्रस्तावित 100 बेड कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल निर्माण, विज्ञान प्रयोगशाला स्थापना, नया परिसदन भवन, मोहनपुर प्रखंड में हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन हेतु हेलिपैड निर्माण, संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना, सारवां डिग्री कॉलेज के लिए भूमि चिन्हित करने जैसे मामलों पर चर्चा की गई। इसके अलावा केंद्रीय कारा देवघर के विस्तार हेतु अतिरिक्त भूमि, अग्निशमन भवन एवं आवासीय भवन निर्माण, नए कोर्ट भवन के लिए 20 एकड़ और अतिरिक्त 12 एकड़ भूमि हस्तांतरण, देवीपुर में विश्वविद्यालय स्थापना तथा 500 बेड अस्पताल निर्माण की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार, आवासीय कॉलोनी निर्माण, सैटेलाइट टाउन विकसित करने तथा पीपीपी मोड पर अस्पताल निर्माण जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। साथ ही मारगोमुण्डा में डिग्री महाविद्यालय, देवीपुर थाना भवन निर्माण और +2 उच्च विद्यालय केंदुआ देवीपुर के लिए भूमि चिन्हित करने से संबंधित मामलों में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने म्यूटेशन की धीमी गति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी अंचलाधिकारियों को दाखिल-खारिज मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरकारी जमीनों की मॉनिटरिंग, जीएम लैंड की मैपिंग तथा अतिक्रमण हटाने के कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही अवैध जमाबंदी और परिशोधन पोर्टल पर लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया।

उपायुक्त ने अधिग्रहित भूमि के दाखिल-खारिज, दाखिल-खारिज रद्दीकरण, खतियान रैयत के उत्तराधिकारी निर्धारण तथा आपसी बंटवारे के आधार पर म्यूटेशन मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों और ऑनलाइन राजस्व वादों की सुनवाई में तेजी लाने पर जोर दिया। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को मुआवजा भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं करने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी देवघर और मधुपुर को राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए और इसके लिए सभी अंचलाधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करें। उन्होंने प्रत्येक अंचल कार्यालय में नियमित जनता दरबार आयोजित करने का भी निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो सके।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए समन्वय और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल बनाकर कार्य करने और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही। बैठक में मौजूद अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि विकास योजनाओं से संबंधित सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर रवि कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर राजीव Kumar, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमर कुमार, सभी अंचलाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

