By: Mala Mandal
झारखंड के देवघर में बालिका शिक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। Ravi Kumar Raut ने राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को पत्र लिखकर देवघर नगर स्थित संत मेरी गर्ल्स हाई स्कूल में इंटरमीडिएट (10+2) की पढ़ाई शुरू कराने की मांग की है। इस संबंध में महापौर द्वारा भेजे गए पत्र में छात्राओं की उच्च शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्रीय शैक्षणिक जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

महापौर द्वारा 11 मई 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि देवघर नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या-19 स्थित संत मेरी गर्ल्स हाई स्कूल इस इलाके के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित बालिका विद्यालयों में शामिल है। वर्तमान समय में इस विद्यालय में केवल दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। हर वर्ष यहां से बड़ी संख्या में छात्राएं मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण करती हैं, लेकिन आगे इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे विद्यालयों या कॉलेजों का सहारा लेना पड़ता है।

पत्र में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कई छात्राएं दूरी, संसाधनों की कमी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण मैट्रिक के बाद अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। ऐसे में यदि इसी विद्यालय में इंटरमीडिएट स्तर की पढ़ाई शुरू हो जाती है, तो हजारों छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में बालिका शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

महापौर ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि संत मेरी गर्ल्स हाई स्कूल शहर के मध्य में स्थित है, जिससे यह छात्राओं के लिए एक सुरक्षित और सुगम शिक्षण केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में आवश्यक आधारभूत संरचना और पर्याप्त भवन भी उपलब्ध है, इसलिए यहां इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू करने में अधिक कठिनाई नहीं होगी।

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि विद्यालय में विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के साथ इंटरमीडिएट की कक्षाएं शुरू होती हैं, तो स्थानीय छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। इससे अभिभावकों को भी राहत मिलेगी और छात्राओं का भविष्य सुरक्षित होगा।

महापौर रवि कुमार राउत ने राज्य सरकार से आग्रह करते हुए कहा है कि व्यापक जनहित और महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से ही संत मेरी गर्ल्स हाई स्कूल में इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू कराने के लिए आवश्यक स्वीकृति और दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों के बीच भी इस मांग को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि देवघर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाना बेहद जरूरी है। कई लोगों ने कहा कि शहर में इंटरमीडिएट स्तर के सरकारी एवं अनुदानित विद्यालयों की संख्या सीमित होने के कारण छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संत मेरी गर्ल्स हाई स्कूल में 10+2 की पढ़ाई शुरू होती है, तो इससे देवघर में महिला शिक्षा की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही ड्रॉपआउट दर में भी कमी आएगी। खासकर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों की छात्राओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

ज्ञात हो कि वर्तमान समय में झारखंड सरकार द्वारा बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे में देवघर के इस प्रतिष्ठित विद्यालय में इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू करने की मांग को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब देखने वाली बात होगी कि राज्य सरकार इस प्रस्ताव पर कितना जल्द निर्णय लेती है। यदि सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो आने वाले समय में देवघर की हजारों छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता और आसान हो जाएगा।

