By: Mala Mandal
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSAC/JSSC) से जुड़ी कथित परीक्षा धांधली मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) अब तक 100 से अधिक अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में हुई संभावित गड़बड़ियों, पेपर लीक, ओएमआर में हेरफेर और अन्य अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। सीआईडी की कार्रवाई के बाद उन अभ्यर्थियों में हलचल बढ़ गई है, जिनकी भूमिका या संपर्क इस मामले में संदिग्ध पाए गए हैं। जांच एजेंसी अब परीक्षा से जुड़े हर स्तर की जानकारी जुटाने में लगी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित धांधली किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे।

परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की जांच तेज
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की टीम अभ्यर्थियों से पूछताछ के दौरान कई अहम बिंदुओं पर जानकारी ले रही है। इसमें परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र की उपलब्धता, अभ्यर्थियों तक पहुंचने वाले माध्यम, पैसे के लेन-देन और कुछ खास लोगों से संपर्क जैसे मुद्दे शामिल हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या परीक्षा में किसी संगठित गिरोह ने भूमिका निभाई थी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, अधिकारियों की भूमिका और चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

100 से अधिक अभ्यर्थियों के बयान दर्ज
सीआईडी ने अब तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों से दोबारा भी पूछताछ की जा सकती है। एजेंसी अलग-अलग चरणों में मिले तथ्यों का मिलान कर रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए परीक्षा में हुई अनियमितताओं की कड़ी को जोड़ा जा सकता है। कई मामलों में अभ्यर्थी ही ऐसे अहम सुराग दे सकते हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

ओएमआर और इंटरव्यू प्रक्रिया पर भी नजर
परीक्षा धांधली मामले में केवल प्रश्नपत्र लीक तक ही जांच सीमित नहीं है। सीआईडी ओएमआर शीट में कथित छेड़छाड़, उत्तरों में बदलाव और इंटरव्यू प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी उम्मीदवार को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया गया था। इसके लिए परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

कई स्तरों पर हो रही कार्रवाई
JPSC-JSAC परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी कई स्तरों पर जांच कर रही है। इसमें अभ्यर्थियों के अलावा परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों, बिचौलियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाना है कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसके पीछे कौन लोग थे और किस तरह से पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। इसके लिए तकनीकी जांच के साथ-साथ पूछताछ का सहारा लिया जा रहा है।

अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
इस मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में चिंता का माहौल है। कई अभ्यर्थी लंबे समय से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो। वहीं, सरकार और जांच एजेंसियों की ओर से भी मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल सीआईडी जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसी सभी तथ्यों और सबूतों को जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
JPSC-JSAC परीक्षा धांधली मामले में अब तक की जांच से यह साफ है कि एजेंसी पूरे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट और कार्रवाई से ही पता चलेगा कि इस मामले में कौन-कौन लोग दोषी पाए जाते हैं।


