By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना के तहत राज्य के पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल के खर्च से राहत देना और आम लोगों के आर्थिक बोझ को कम करना है। देवघर जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से योजना का लाभ उठाने के साथ-साथ बिजली का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, ऊर्जा संरक्षण को अपनी दिनचर्या में शामिल करने और बिजली बिल का भुगतान नियमानुसार समय पर करने की अपील की है। जिला जनसंपर्क कार्यालय, देवघर की ओर से 24 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1200 के अनुसार, झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत पात्र घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे योजना से संबंधित पात्रता एवं अन्य आवश्यक शर्तों की जानकारी लेकर इसका लाभ उठाएं।

बिजली का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील
जिला प्रशासन ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली का उपयोग जरूरत के अनुसार करें और अनावश्यक खपत से बचें। बिजली की बचत केवल घरेलू खर्च कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक नागरिक को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए। घरों में बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुसार करने से बिजली की खपत कम की जा सकती है। इससे उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

पंखे, बल्ब और अन्य उपकरणों को अनावश्यक चालू न छोड़ें
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को दैनिक जीवन में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। घरों और प्रतिष्ठानों में अनावश्यक रूप से पंखे, बल्ब, लाइट और अन्य बिजली के उपकरणों को चालू नहीं रखना चाहिए। जरूरत पूरी होने के बाद संबंधित उपकरणों का स्विच बंद कर देना चाहिए। बिजली की खपत कम करने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक रहना आवश्यक है। यदि प्रत्येक परिवार बिजली का विवेकपूर्ण उपयोग करे, तो अनावश्यक ऊर्जा खपत को कम करने में मदद मिल सकती है। प्रशासन ने ऊर्जा संरक्षण को केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से इसमें सहयोग करने की अपील की है।

बिजली के खंभों और टूटे तारों से रहें दूर
विद्युत सुरक्षा को लेकर भी जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर और अर्थिंग तारों को नहीं छूना चाहिए। यदि किसी स्थान पर बिजली का तार टूटा हुआ या क्षतिग्रस्त दिखाई देता है, तो उससे उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए और इसकी सूचना तत्काल संबंधित विद्युत विभाग को देनी चाहिए। विद्युत उपकरणों और तारों के साथ लापरवाही करने से गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए नागरिकों को स्वयं जोखिम उठाकर टूटे तार को हटाने या बिजली की खराबी ठीक करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में विभाग को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई का इंतजार करना चाहिए। विद्युत सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करके संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन पर हो सकती है कार्रवाई
विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी, अवैध कनेक्शन और बिजली का अनधिकृत उपयोग कानून के तहत दंडनीय है। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 126 एवं 135 के प्रावधानों के तहत संबंधित मामलों में नियमानुसार आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से वैध विद्युत कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का इस्तेमाल करने की अपील की है। बिजली चोरी से बचने और इसकी रोकथाम में सहयोग करने से विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं बिजली चोरी या अवैध विद्युत उपयोग की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना निर्धारित हेल्पलाइन या व्हाट्सऐप नंबर पर दें।

विद्युत समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्युत विभाग ने कई संपर्क नंबर जारी किए हैं। उपभोक्ता अपनी विद्युत संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
समस्या निवारण के लिए संपर्क नंबर:
– 9031110118
– 9031110119
– 9031110120
विद्युत विभाग का कॉल सेंटर:
– 1912
– 18003456570
– 0651-2710002
मोबाइल एवं व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क:
– 9031110121
– 9431135504
– 9431135503 (व्हाट्सऐप)
इन संपर्क माध्यमों के जरिए उपभोक्ता अपनी विद्युत संबंधी समस्याओं की जानकारी विभाग तक पहुंचा सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी करने का उद्देश्य शिकायतों के निवारण और उपभोक्ताओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुगम बनाना है।

बिजली चोरी की सूचना देने के लिए अलग व्हाट्सऐप नंबर
बिजली चोरी से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए विद्युत विभाग ने अलग व्हाट्सऐप नंबर भी जारी किया है। यदि किसी व्यक्ति को बिजली चोरी या अवैध विद्युत उपयोग की जानकारी मिलती है, तो वह **9431135515** पर व्हाट्सऐप के माध्यम से सूचना दे सकता है। विभाग के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिक बिजली चोरी की रोकथाम में विभाग का सहयोग कर सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली चोरी जैसी गतिविधियों से दूर रहें और किसी भी अनधिकृत विद्युत उपयोग की जानकारी मिलने पर निर्धारित माध्यम से विभाग को सूचित करें।

योजना का लाभ उठाएं, बिजली बचाएं और सुरक्षा नियमों का करें पालन
देवघर जिला प्रशासन ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना का लाभ उठाने, बिजली का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, ऊर्जा संरक्षण को अपनी आदत बनाने और बिजली बिल का भुगतान नियमानुसार समय पर करने की अपील की है। साथ ही, विद्युत सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करने और बिजली चोरी रोकने में प्रशासन एवं विद्युत विभाग का सहयोग करने का आग्रह किया गया है।

प्रशासन का संदेश है कि मुफ्त बिजली की सुविधा का लाभ उठाने के साथ-साथ बिजली की बचत और सुरक्षित उपयोग पर भी ध्यान देना जरूरी है। जागरूक उपभोक्ताओं की भागीदारी से बिजली की अनावश्यक खपत को कम करने, दुर्घटनाओं से बचने और विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।


