By: Mala Mandal
Navratri Ashtami 2026 Upay: शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और भक्ति के लिए बेहद खास माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इनमें महाष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाष्टमी पर सच्चे मन से मां की आराधना करने, मंत्रों का जाप करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता आती है। हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस पवित्र समय में स्नान करके मां दुर्गा का ध्यान करने और मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है। अगर आप भी नवरात्रि की महाष्टमी पर मां महागौरी का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस दिन कुछ पारंपरिक धार्मिक उपाय कर सकते हैं। आइए जानते हैं महाष्टमी पर स्नान से लेकर मंत्र जाप और पूजा की विधि तक, किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

महाष्टमी पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को दिन का अत्यंत पवित्र समय माना जाता है। सूर्योदय से पहले के इस समय में उठकर स्नान करना और भगवान का ध्यान करना शुभ माना जाता है। नवरात्रि की महाष्टमी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा के सामने दीपक जलाएं। पूजा करते समय अपने मन को शांत रखें और मां महागौरी से परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में खुशहाली की प्रार्थना करें। धार्मिक परंपराओं में सुबह की पूजा को दिन की शुरुआत सकारात्मक भाव से करने का एक माध्यम माना गया है।

महाष्टमी पर इस मंत्र का करें जाप
मां महागौरी को समर्पित मंत्रों का जाप नवरात्रि की महाष्टमी पर विशेष रूप से किया जाता है। आप पूजा के समय मां के इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप कर सकते हैं।
मंत्र:
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
इस मंत्र का जाप शांत मन से करें। आप अपनी श्रद्धा और सुविधानुसार मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं। इसके बाद मां महागौरी को फूल अर्पित करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंत्र जाप से मन एकाग्र होता है और भक्त को आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो सकता है। मंत्र जाप की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण श्रद्धा, नियमितता और पूजा के प्रति समर्पण है।

मां महागौरी को सफेद फूल और मिठाई करें अर्पित
नवरात्रि की महाष्टमी पर मां महागौरी की पूजा में सफेद रंग का विशेष महत्व बताया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, मां को सफेद फूल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके साथ फल, मिठाई और अन्य सात्विक भोग अपनी श्रद्धा के अनुसार चढ़ाएं। पूजा के दौरान मां दुर्गा के आठवें स्वरूप का ध्यान करें और उनसे अपने जीवन में आने वाली परेशानियों का सामना करने की शक्ति मांगें। पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उपलब्ध न होने पर परेशान न हों। श्रद्धा और स्वच्छता के साथ की गई पूजा को ही प्रमुखता दें।

कन्या पूजन से जुड़ी है महाष्टमी की खास परंपरा
नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इस दिन छोटी कन्याओं को मां दुर्गा के स्वरूप के रूप में सम्मान दिया जाता है। परिवार की परंपरा के अनुसार कन्याओं को आमंत्रित करके उनके पैर धोए जाते हैं, तिलक लगाया जाता है और भोजन कराया जाता है। कन्या पूजन के बाद कन्याओं को अपनी सामर्थ्य के अनुसार फल, मिठाई, वस्त्र या दक्षिणा दी जा सकती है। इस परंपरा का उद्देश्य कन्याओं के प्रति सम्मान, श्रद्धा और सेवा भाव प्रकट करना है। यदि किसी कारण से घर पर कन्या पूजन संभव न हो, तो जरूरतमंद बच्चों या लोगों की सहायता भी की जा सकती है।

महाष्टमी पर दान करने से मिलता है पुण्य का महत्व
हिंदू धर्म में नवरात्रि के दौरान दान-पुण्य को शुभ माना गया है। महाष्टमी के दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, फल, वस्त्र या आवश्यक सामग्री दान कर सकते हैं। किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराना और जरूरतमंद की मदद करना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान करने से मन में उदारता और करुणा का भाव विकसित होता है। दान हमेशा अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर करना चाहिए। इसके लिए किसी प्रकार का कर्ज लेने या अपनी आवश्यकताओं की अनदेखी करने की जरूरत नहीं है।

क्या महाष्टमी के उपायों से घर में आएगी धन-समृद्धि?
नवरात्रि की महाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा और मंत्र जाप को सुख-समृद्धि की कामना से जोड़ा जाता है। भक्त इस दिन मां महागौरी से आर्थिक परेशानियों से मुक्ति, परिवार की खुशहाली और जीवन में उन्नति की प्रार्थना करते हैं। इसी वजह से महाष्टमी के धार्मिक उपायों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी मंत्र या पूजा से अचानक धनवर्षा होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए मेहनत, सही योजना, बचत और समझदारी से खर्च करना भी जरूरी है। पूजा-पाठ व्यक्ति को मानसिक शांति, आशा और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान कर सकता है।

महाष्टमी की पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
महाष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को साफ रखें और मां दुर्गा की आराधना श्रद्धापूर्वक करें। पूजा के दौरान किसी के प्रति द्वेष या गलत भावना न रखें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोग लगाएं और जरूरतमंद लोगों की मदद करें। यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो अपनी सेहत और क्षमता का ध्यान रखें। धार्मिक नियमों का पालन परिवार की परंपरा और अपनी सुविधा के अनुसार करें। पूजा के दौरान मन की शांति, सद्भाव और सेवा भाव को महत्व दें।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। मंत्र जाप, पूजा और दान से धनवर्षा होने या आर्थिक समस्याएं निश्चित रूप से दूर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। किसी भी धार्मिक उपाय को आस्था और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर ही अपनाएं।


