By: Mala Mandal
नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने वहां के ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा झटका दिया है। कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित होने के कारण नेपाल में बिजली उत्पादन क्षमता में भारी कमी आई है। इस संकट के बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत अब नेपाल को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। हिमालयी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के कारण नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से कई पावर प्लांट और जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल की करीब 550 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा है, जिससे वहां बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखना चुनौती बन गया है।

नेपाल ने भारत से मांगी अतिरिक्त बिजली की मदद
बिजली उत्पादन में आई कमी को देखते हुए नेपाल ने भारत से अतिरिक्त बिजली आयात की अनुमति मांगी है। नेपाल की ओर से सितंबर 2026 से अतिरिक्त बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। भारत सरकार के संबंधित अधिकारी इस मांग पर काम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर नेपाल को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। भारत और नेपाल के बीच पहले से ही बिजली व्यापार की व्यवस्था मौजूद है। इसी व्यवस्था के तहत दोनों देशों के बीच बिजली का आदान-प्रदान होता है। मानसून के दौरान नेपाल अक्सर अतिरिक्त जलविद्युत उत्पादन के कारण भारत को बिजली निर्यात करता है, जबकि जरूरत के समय भारत से बिजली लेता है।

बाढ़ से कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित
नेपाल में आई बाढ़ ने कई महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। रासुवा और नुवाकोट जैसे क्षेत्रों में कई पावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इन परियोजनाओं में चल रही बिजली उत्पादन गतिविधियों पर असर पड़ा है, जिससे नेपाल की ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। नेपाल की बिजली व्यवस्था काफी हद तक जलविद्युत परियोजनाओं पर निर्भर है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से पावर प्लांट प्रभावित होने का सीधा असर बिजली उपलब्धता पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत से मिलने वाली अतिरिक्त बिजली नेपाल में अस्थायी संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

भारत की बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल को अतिरिक्त बिजली देने से भारत की घरेलू बिजली व्यवस्था पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत के पास मजबूत राष्ट्रीय पावर ग्रिड और पर्याप्त बिजली उत्पादन क्षमता मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि अस्थायी कमी को आसानी से संभाला जा सकता है। भारत और नेपाल के बीच बिजली सहयोग दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं और सीमा पार बिजली व्यापार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

संकट के समय भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने केवल बिजली क्षेत्र में ही नहीं बल्कि राहत और बचाव कार्यों में भी सहयोग की पेशकश की है। भारत ने मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजकर पड़ोसी देश की मदद की है। ऊर्जा संकट के इस दौर में भारत का बिजली सहयोग नेपाल के लिए राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नेपाल में बाढ़ के कारण प्रभावित हुई बिजली उत्पादन क्षमता के बीच भारत का अतिरिक्त बिजली देने का फैसला पड़ोसी सहयोग की मिसाल माना जा रहा है। आने वाले दिनों में भारत से मिलने वाली बिजली नेपाल की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है। प्राकृतिक आपदा के समय दोनों देशों का यह सहयोग क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।



