By: Vikash Kumar Raut
Omega-3 Supplement Research: मछली के तेल (Fish Oil) और ओमेगा-3 सप्लीमेंट को लंबे समय से दिमाग की सेहत और याददाश्त बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। कई लोग यह सोचकर रोजाना ओमेगा-3 कैप्सूल लेते हैं कि इससे भूलने की समस्या कम होगी और उम्र बढ़ने के साथ दिमाग स्वस्थ रहेगा। लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक नई रिसर्च ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अध्ययन में दावा किया गया है कि ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता या अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे में कोई खास सुधार नहीं देखा गया।

क्या कहती है नई रिसर्च?
यह अध्ययन दो वर्षों तक किया गया, जिसमें 55 से 80 वर्ष की आयु के ऐसे 365 लोगों को शामिल किया गया जिन्हें अल्जाइमर होने का अपेक्षाकृत अधिक जोखिम था और जो नियमित रूप से मछली का सेवन नहीं करते थे। शोध के दौरान प्रतिभागियों को प्रतिदिन उच्च मात्रा में ओमेगा-3 (डीएचए) सप्लीमेंट या प्लेसीबो दिया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सप्लीमेंट लेने वालों के मस्तिष्क में ओमेगा-3 का स्तर तो बढ़ा, लेकिन उनकी याददाश्त, मानसिक क्षमता या मस्तिष्क के स्वास्थ्य में कोई महत्वपूर्ण सुधार नहीं हुआ।

क्या इसका मतलब ओमेगा-3 बेकार है?
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि ओमेगा-3 शरीर के लिए उपयोगी नहीं है। ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर और मस्तिष्क के सामान्य विकास तथा कई शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। हालांकि, केवल सप्लीमेंट लेने से हर व्यक्ति को याददाश्त बढ़ाने का लाभ मिलेगा, इसका पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण इस अध्ययन में नहीं मिला।

डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट खाना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी सप्लीमेंट का सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए। आवश्यकता से अधिक मात्रा में ओमेगा-3 लेने पर कुछ लोगों में खून पतला होने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे रक्तस्राव की संभावना बढ़ सकती है। यदि कोई व्यक्ति पहले से ब्लड थिनर दवाएं ले रहा है, सर्जरी कराने वाला है या किसी गंभीर बीमारी का इलाज चल रहा है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ओमेगा-3 लेना जोखिम भरा हो सकता है।

इसके अलावा, बाजार में उपलब्ध सभी सप्लीमेंट एक जैसी गुणवत्ता के नहीं होते। इसलिए केवल विज्ञापन देखकर या सोशल मीडिया की सलाह पर इन्हें खरीदना उचित नहीं माना जाता।
दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का मानना है कि दिमाग की सेहत केवल एक सप्लीमेंट पर निर्भर नहीं करती। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, मानसिक गतिविधियां, तनाव नियंत्रण और सामाजिक रूप से सक्रिय रहना लंबे समय तक मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई शोध यह भी संकेत देते हैं कि भूमध्यसागरीय (Mediterranean) शैली का संतुलित भोजन मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।

किन लोगों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए?
यदि आपको हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, लिवर या किडनी की बीमारी है, आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या पहले से किसी प्रकार की दवा ले रहे हैं, तो किसी भी प्रकार का ओमेगा-3 सप्लीमेंट शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।

नई रिसर्च के अनुसार केवल ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने से याददाश्त तेज होने या अल्जाइमर के जोखिम को कम करने का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए इसे ‘ब्रेन बूस्टर’ मानकर बिना जरूरत और बिना डॉक्टर की सलाह के लेना उचित नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है।

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी प्रकार का सप्लीमेंट, दवा या उपचार शुरू करने या बंद करने से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


