By: Mala Mandal
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर उन्होंने छात्रों की तीन प्रमुख मांगों का समर्थन किया। इस दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत की और कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे परीक्षा विवाद, भर्ती में देरी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण देश का युवा वर्ग निराश हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के करोड़ों छात्र और युवा बेहतर शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और समय पर रोजगार की उम्मीद रखते हैं। यदि उनकी आवाज को अनसुना किया गया तो इसका असर देश के भविष्य पर पड़ेगा।

जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन
शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए। प्रदर्शन में विभिन्न राज्यों से आए छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। राहुल गांधी के पहुंचने पर छात्रों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखीं—
1. सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो।
2. लंबित सरकारी भर्तियों को जल्द पूरा किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध बनाई जाए।
3. शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए युवाओं को समान अवसर और रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
छात्र संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित भर्तियों और परीक्षा विवादों के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठाई जाएगी।

केंद्र सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के सामने बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और रोजगार पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय पर परीक्षाएं हों, परिणाम पारदर्शी हों और नियुक्तियां समय पर हों तो युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।

छात्रों ने सुनाई अपनी समस्याएं
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने राहुल गांधी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। छात्रों ने बताया कि कई प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और लंबी भर्ती प्रक्रिया के कारण उनका समय और आर्थिक संसाधन दोनों प्रभावित हुए हैं। कुछ छात्रों ने कहा कि लगातार परीक्षा तिथियों में बदलाव और परिणाम आने में देरी से मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।

विपक्ष का समर्थन
कांग्रेस सहित विपक्षी दल लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं के रोजगार के मुद्दे को उठा रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा और रोजगार का मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश के भविष्य का विषय है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील भी की।

सरकार का पक्ष
सरकार पहले भी यह कह चुकी है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। पेपर लीक रोकने, डिजिटल निगरानी बढ़ाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए नए कानून और व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। हालांकि प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि इन कदमों का प्रभाव जमीन पर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है।

आगे क्या
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं राहुल

