By: Mala Mandal
देवघर। सावन के पावन महीने की तीसरी सोमवारी, संक्रांति आधारित बंगला सावन की चौथी एवं आखिरी सोमवारी और नागपंचमी के विशेष संयोग ने सोमवार को देवाधिदेव महादेव की नगरी देवघर को पूरी तरह शिवमय कर दिया। बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं और कांवरियों की भारी भीड़ बाबा मंदिर की ओर उमड़ पड़ी। पूरा मंदिर परिसर और कांवरिया रूट हर-हर महादेव तथा बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा। बाबा बैद्यनाथ मंदिर का पट सोमवार को अहले सुबह करीब 3 बजे खोला गया। इसके बाद परंपरा के अनुसार सरदार पंडा द्वारा सरदारी पूजा संपन्न कराई गई। पूजा-अर्चना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुबह करीब 4:15 बजे से आम कांवरियों और श्रद्धालुओं के लिए बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण शुरू कराया गया। विशेष पर्व और सोमवार के संयोग को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात से ही बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए कतारबद्ध हो गए थे।

श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अरघा के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था की गई है। लंबी कतार में शामिल होने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रांगण में बाह्य अरघा की व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालु कतार में शामिल हुए बिना भी बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर सकें।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन भी लगाए गए हैं। इन स्क्रीन के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ मंदिर में होने वाली पूजा-अर्चना और जलार्पण का लाइव प्रसारण कराया जा रहा है। इससे मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु दूर से भी बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं। प्रशासन की ओर से भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
देवघर के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित तरीके से जलार्पण कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी गई हैं। रूट लाइन में लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन की ओर से कांवरियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की गई है।

देर रात से कतार में लगे कांवरियों को राहत देने के लिए बीएड कॉलेज परिसर में बनाए गए बड़े डोम पंडालों में भी श्रद्धालुओं को शिफ्ट किया गया। इसका उद्देश्य यह है कि अत्यधिक भीड़ और लंबे इंतजार के दौरान कांवरियों को विश्राम तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। प्रशासन और पुलिस की टीमें रूट लाइन से लेकर मंदिर परिसर तक लगातार सक्रिय नजर आईं।

सावन की सोमवारी के साथ नागपंचमी का संयोग होने से इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर के सरदार पंडा ने कहा कि सोमवार भगवान भोलेनाथ को समर्पित विशेष दिन है और इस बार नागपंचमी का संयोग भी बना है। ऐसे में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल एवं बेलपत्र अर्पित करने से भक्तों को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

बाबा बैद्यनाथ धाम में सावन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासकर कांवरिया बड़ी संख्या में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करते हैं। सोमवारी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक इजाफा होने से मंदिर और कांवरिया रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष रूप से मजबूत रखा गया है।

सोमवारी और नागपंचमी के इस विशेष संयोग के चलते देवघर में सुबह से ही धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। मंदिर परिसर में हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ और बोल बम के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। कई श्रद्धालु परिवार के साथ बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे हैं, तो बड़ी संख्या में कांवरिया बाबा बैद्यनाथ को गंगाजल अर्पित कर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि आस्था के इस बड़े पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराया जाए। रूट लाइन, विश्राम स्थल, मंदिर परिसर और जलार्पण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

कुल मिलाकर सावन की तीसरी सोमवारी, बंगला सावन की चौथी एवं आखिरी सोमवारी और नागपंचमी के त्रिवेणी धार्मिक संयोग ने देवघर को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है। बाबा बैद्यनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब यह दर्शा रहा है कि सावन के महीने में देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की बाबा के प्रति आस्था कितनी गहरी है। हर तरफ गूंजता हर-हर महादेव और बोल बम का जयघोष बाबा बैद्यनाथ धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा को और भी प्रबल कर रहा है।

