By: Mala Mandal
देवघर, 6 जुलाई। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि मेले की शुरुआत से पहले सभी तैयारियां हर हाल में शत-प्रतिशत पूरी कर ली जाएं।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का महापर्व है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही या कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने कार्य पूरे करें।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने बाबा मंदिर क्षेत्र, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, परिवहन विभाग, भवन प्रमंडल, राष्ट्रीय उच्च पथ विभाग, विद्युत आपूर्ति विभाग, वर्क डिवीजन, पथ निर्माण विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, बेहतर आवासन, पार्किंग, सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था की सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। साथ ही पूरे मेला क्षेत्र में नियमित सफाई व्यवस्था चौबीसों घंटे सुनिश्चित की जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बिजली आपूर्ति और वैकल्पिक व्यवस्था रहे मजबूत
उपायुक्त ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि पूरे मेला क्षेत्र में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह तैयार रखी जाए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जाए।

जलार्पण व्यवस्था को बनाया जाए सुगम
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण करने आने वाले श्रद्धालुओं को कतारबद्ध एवं सुरक्षित तरीके से दर्शन और जलार्पण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, विश्राम स्थल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छ शौचालय और आवासन जैसी मूलभूत सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।

निर्माण कार्यों की होगी नियमित मॉनिटरिंग
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने स्पष्ट कहा कि श्रावणी मेला से जुड़े सभी निर्माण एवं विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। यदि किसी विभाग द्वारा कार्य में लापरवाही, देरी या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी और कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और प्रत्येक कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि श्रावणी मेला जैसे विशाल आयोजन की सफलता विभागीय समन्वय पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करे तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण कर सकें।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, डीएमएफटी की टीम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे। बैठक में सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने और श्रावणी मेला-2026 को सफल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


