By: Mala Mandal
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव के बाद प्राथमिकी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। SSP ने कहा है कि विधानसभा घेराव मामले में किसी छात्र को आरोपी बनाकर नामजद FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने उपद्रव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।

छात्रों पर FIR की चर्चा के बीच SSP का बड़ा बयान
विधानसभा घेराव के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है। कुछ रिपोर्टों में 600 प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज होने की बात भी सामने आई। हालांकि रांची SSP राकेश रंजन ने स्पष्ट किया कि किसी छात्र का नाम FIR में शामिल नहीं किया गया है। उनके मुताबिक प्राथमिकी उन अज्ञात लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान उपद्रव किया और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की। SSP ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आंदोलन में मौजूद रहने या शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के आधार पर किसी छात्र के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी। पुलिस का फोकस उन लोगों की पहचान करने पर है, जिन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा या उपद्रव में शामिल होने का आरोप है।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान बिगड़े थे हालात
दरअसल, झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इसी आंदोलन के तहत 10 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए रांची में जुटे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं। विधानसभा की ओर बढ़ने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा पार करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद छात्र संगठनों की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए और आंदोलन जारी रखने की बात कही गई।

वीडियो फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान
रांची पुलिस अब विधानसभा घेराव के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े वीडियो फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी में फिलहाल अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान यदि वीडियो फुटेज में किसी व्यक्ति की पहचान उपद्रव या हिंसक गतिविधि में शामिल व्यक्ति के रूप में होती है, तो उसके खिलाफ आगे कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस के इस रुख से यह स्पष्ट है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और उपद्रव के बीच अंतर किया जा रहा है। SSP के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखने वाले छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है।

छात्र आंदोलन का मुद्दा अब भी बरकरार
विधानसभा घेराव के बाद FIR को लेकर भले ही पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर दी हो, लेकिन JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों और सरकार के बीच मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। पिछले कई दिनों से छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से छात्रों की कई मांगों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। JPSC की प्रारंभिक परीक्षा रद्द किए जाने और आयोग के तीन सदस्यों के इस्तीफे के बाद आंदोलन में कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। इसके बावजूद छात्र अपनी कुछ प्रमुख मांगों, खासकर जांच और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

सरकार और छात्रों के बीच समाधान की चुनौती
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ी चुनौती सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच भरोसा कायम करना है। एक तरफ सरकार कई मांगों पर कार्रवाई का दावा कर रही है, वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। इससे रांची में छात्र आंदोलन का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। विधानसभा घेराव के बाद पुलिस ने भी साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और उपद्रव करने वालों के बीच अंतर करते हुए कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में वीडियो फुटेज की जांच के आधार पर पुलिस की कार्रवाई और सरकार-छात्र वार्ता इस मामले की दिशा तय कर सकती है।

रांची विधानसभा घेराव मामले में फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि SSP राकेश रंजन ने छात्रों पर नामजद FIR की चर्चाओं को खारिज किया है। पुलिस के अनुसार करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिन पर उपद्रव और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप है। पुलिस वीडियो फुटेज के जरिए वास्तविक उपद्रवियों की पहचान करने की प्रक्रिया में है।

वहीं, JPSC और JSSC से जुड़े छात्रों का आंदोलन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस जांच के साथ-साथ सरकार और छात्रों के बीच बातचीत भी महत्वपूर्ण होगी। इस पूरे घटनाक्रम पर अब सभी की नजरें पुलिस जांच और छात्र आंदोलन के अगले कदम पर टिकी हैं।



