By: Mala Mandal
Shravani Mela 2026: बाबा बैद्यनाथ धाम में शुरू हुए श्रावणी मेले के बीच देवघर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। इस बार देवघर में होटलों और लॉज के किराए बढ़ा दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से नई अधिकतम किराया सूची जारी की है। अब सभी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला और लॉज संचालकों को प्रशासन द्वारा तय किए गए किराए के अनुसार ही कमरे उपलब्ध कराने होंगे।

हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण होटल और लॉज की मांग काफी बढ़ जाती है। कई बार मनमाने तरीके से किराया वसूलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष भी होटलों के लिए अधिकतम किराया निर्धारित किया है।

प्रशासन की ओर से जारी नई रेट लिस्ट के अनुसार होटलों को उनकी सुविधाओं और श्रेणी के आधार पर अलग-अलग वर्गों में बांटा गया है। एसी, नॉन-एसी, डीलक्स और लग्जरी कमरों के लिए अलग-अलग अधिकतम किराया तय किया गया है। होटल संचालक इससे अधिक राशि श्रद्धालुओं से नहीं वसूल सकेंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी होटल संचालकों को नई रेट लिस्ट अपने रिसेप्शन और प्रवेश द्वार पर प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी ताकि श्रद्धालु कमरे का किराया पहले ही जान सकें। यदि कोई होटल निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

श्रावणी मेले के दौरान देवघर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। ऐसे में प्रशासन का मानना है कि तय किराया व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आर्थिक राहत मिलेगी और होटल व्यवसाय में भी पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रशासन की टीम लगातार निरीक्षण भी करेगी।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि होटल बुक करने से पहले निर्धारित किराया सूची अवश्य देखें। यदि कोई होटल या लॉज संचालक तय दर से अधिक पैसे की मांग करता है तो इसकी शिकायत जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम या संबंधित अधिकारियों से करें।

श्रावणी मेला केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं बल्कि देवघर की अर्थव्यवस्था का भी सबसे बड़ा आधार माना जाता है। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारियों की आय का बड़ा हिस्सा इसी मेले पर निर्भर करता है। ऐसे में प्रशासन होटल व्यवसाय और श्रद्धालुओं दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहा है।

इस वर्ष मेले में भीड़ प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। AI आधारित निगरानी, QR कोड व्यवस्था, अतिरिक्त सुरक्षा बल, स्वास्थ्य शिविर, पेयजल, सफाई और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

होटल संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें, कमरे की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं लें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे देवघर आने से पहले होटल की उपलब्धता और किराए की जानकारी प्राप्त कर लें। अधिक भीड़ वाले दिनों में अग्रिम बुकिंग कराना बेहतर रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन का उपयोग करें।

श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। नई होटल किराया सूची का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मनमानी वसूली से बचाना और सभी को पारदर्शी एवं बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

