By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। झारखंड की आस्था और अध्यात्म की राजधानी देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय सचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से राज्य के लोगों की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।

मंदिर में पूजा के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने राज्य की राजनीतिक स्थिति, प्रस्तावित परिसीमन और विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि झारखंड में महागठबंधन पूरी तरह मजबूत और अटूट है तथा आगामी वर्षों तक राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य की जनता ने जिस भरोसे के साथ वर्तमान गठबंधन को समर्थन दिया है, उस विश्वास को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है और विकास योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और वर्ष 2029 तक हम सभी राज्यवासियों की सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जनता के विश्वास को कायम रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
परिसीमन को लेकर जताई चिंता, क्षेत्र आधारित व्यवस्था की वकालत
राज्य में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि परिसीमन का विषय केंद्र सरकार के अधीन आता है, लेकिन राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का परिसीमन निष्पक्ष और संवैधानिक मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उनका कहना था कि परिसीमन क्षेत्रीय आधार और जनसंख्या संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, न कि जातिगत आधार पर।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व मिलना आवश्यक है और इसी उद्देश्य के साथ सरकार इस विषय पर निगरानी कर रही है।
विशेष गहन परीक्षण (SIR) पर बोले— पात्र नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे
विशेष गहन परीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश के कुछ राज्यों में इससे जुड़े अनुभव सामने आए हैं और सरकार उन परिस्थितियों से सीख लेकर आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रशासन और सरकार दोनों पूरी तरह सतर्क हैं ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से नहीं हटे और लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा, “हम लोग पूरी तरह मुस्तैद हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम नहीं कटे और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।”

बाबा नगरी से दिया राजनीतिक संदेश
राजनीतिक चर्चाओं के बीच देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सुप्रियो भट्टाचार्य की पूजा-अर्चना को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सावन माह से पहले बाबा नगरी में नेताओं और जनप्रतिनिधियों के आगमन का सिलसिला तेज हो रहा है।

सुप्रियो भट्टाचार्य ने अंत में कहा कि राज्य के विकास, सामाजिक समरसता और जनता के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा आने वाले समय में भी जनसेवा को प्राथमिकता दी जाएगी।


