By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Sleep Disorder News: बदलती लाइफस्टाइल, देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत और आर्टिफिशियल लाइट्स का बढ़ता इस्तेमाल अब लोगों की नींद का सबसे बड़ा दुश्मन बनता जा रहा है। रातभर जागना या पर्याप्त नींद न लेना सिर्फ थकान की वजह नहीं बनता, बल्कि यह शरीर को अंदर से तेजी से बूढ़ा भी कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खराब नींद का सीधा असर दिमाग, दिल, हार्मोन और इम्यून सिस्टम पर पड़ता है।

हाल ही में वॉशिंगटन की प्रतिष्ठित नेचर मैगज़ीन में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया में आर्टिफिशियल लाइट्स का इस्तेमाल करीब 16 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। इसका असर लोगों की नींद और मानसिक शांति पर साफ दिखाई दे रहा है। रात में मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और तेज रोशनी के बीच रहने से शरीर का नेचुरल स्लीप सिस्टम प्रभावित हो रहा है। रिसर्चर्स के मुताबिक शरीर में नींद लाने के लिए जिम्मेदार मेलाटोनिन हार्मोन आर्टिफिशियल रोशनी के कारण धीमा पड़ जाता है। यही वजह है कि लोग घंटों बिस्तर पर पड़े रहते हैं लेकिन नींद नहीं आती। स्लीप साइकल खराब होने से शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों की चपेट में आने लगता है।
नींद की कमी से बढ़ रहा बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार कम नींद लेने से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, डिप्रेशन, तनाव और हार्ट डिजीज जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। नींद की कमी का असर सबसे ज्यादा दिमाग पर पड़ता है जिससे व्यक्ति की याददाश्त, फोकस और मानसिक संतुलन प्रभावित होने लगता है। भारत में स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में 90 प्रतिशत से अधिक लोग किसी न किसी प्रकार की स्लीप प्रॉब्लम या स्लीप सिंड्रोम से परेशान हैं। कई लोग देर रात तक फोन चलाने, ओटीटी देखने या सोशल मीडिया स्क्रॉल करने के कारण अपनी नींद खो रहे हैं।

कम उम्र में दिखने लगता है बुढ़ापा
कोलंबिया यूनिवर्सिटी की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कम या ज्यादा सोने वाले लोगों की बायोलॉजिकल एज तेजी से बढ़ने लगती है। यानी शरीर वास्तविक उम्र से ज्यादा बूढ़ा दिखाई देने लगता है। नींद पूरी न होने पर चेहरे की चमक कम हो जाती है, आंखों के नीचे काले घेरे बनने लगते हैं और स्किन पर एजिंग के लक्षण जल्दी दिखाई देने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी और गहरी नींद शरीर को रिपेयर करने का काम करती है। जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता तो सेल्स तेजी से डैमेज होने लगती हैं और व्यक्ति जल्दी बूढ़ा दिखने लगता है।

क्यों नहीं आती रात में नींद
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता, मोबाइल एडिक्शन और अनियमित दिनचर्या अनिद्रा की बड़ी वजह बन चुके हैं। देर रात तक स्क्रीन देखने से दिमाग एक्टिव बना रहता है और शरीर को यह संकेत नहीं मिल पाता कि अब आराम करने का समय है। इसके अलावा देर रात भारी खाना खाना, कैफीन का अधिक सेवन, एक्सरसाइज की कमी और मानसिक तनाव भी नींद खराब करने के बड़े कारण माने जाते हैं।

बाबा रामदेव से जानें अच्छी नींद के उपाय
योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार यदि रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव किया जाए तो बिना दवा के भी अच्छी नींद पाई जा सकती है। उनका कहना है कि योग और प्राणायाम शरीर और दिमाग दोनों को शांत करने में मदद करते हैं।
रोजाना अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान करने से तनाव कम होता है और नींद बेहतर होती है। रात को सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूरी बनाना भी बेहद जरूरी है। बाबा रामदेव के मुताबिक रात में हल्का भोजन करना और समय पर सोना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को सही बनाए रखने में मदद करता है।

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
रोजाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें
सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं
कैफीन और जंक फूड का सेवन कम करें
रोजाना योग और मेडिटेशन करें
रात में हल्का और सुपाच्य भोजन करें
बेडरूम में कम रोशनी रखें
तनाव कम करने के लिए संगीत या ध्यान का सहारा लें
क्यों जरूरी है 7 से 8 घंटे की नींद

डॉक्टर्स के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद बेहद जरूरी मानी जाती है। पर्याप्त नींद लेने से शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है, दिमाग तेज चलता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
नींद सिर्फ आराम नहीं बल्कि शरीर की सबसे जरूरी जरूरतों में से एक है। यदि समय रहते स्लीप प्रॉब्लम पर ध्यान न दिया जाए तो यह आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है।
यह लेख सामान्य जानकारी और विभिन्न रिसर्च रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या इलाज के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

