By: Mala Mandal
देवघर। बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर के सर्वांगीण और चौमुखी विकास को नई गति देने की दिशा में देवघर नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत ने नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर शहर के समग्र विकास के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की। यह मुलाकात ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर्स (AICM) के 11 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें देश के विभिन्न नगर निकायों से जुड़े महापौर भी शामिल थे।

बैठक के दौरान महापौर रवि कुमार राउत ने केंद्रीय मंत्री को देवघर की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से बढ़ती महत्ता से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने कहा कि देवघर केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु जलार्पण और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर में आधुनिक नागरिक सुविधाओं और मजबूत आधारभूत संरचना का विकास समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।

महापौर ने कहा कि बाबा नगरी की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही है। ऐसे में शहर की सड़कों, पेयजल व्यवस्था, सीवरेज, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को विश्वस्तरीय स्वरूप देना आवश्यक है। इसके लिए नगर निगम के संसाधन सीमित हैं, इसलिए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि योजनाओं को तेज गति से धरातल पर उतारा जा सके।

बैठक के दौरान महापौर ने देवघर की पांच प्रमुख समस्याओं को केंद्रीय मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा। सबसे पहले उन्होंने पूरे नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा आधुनिक सीवरेज सिस्टम के निर्माण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए वर्तमान व्यवस्था भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है।

दूसरे मुद्दे के रूप में उन्होंने मानसून के दौरान शहर के कई इलाकों में होने वाले जलजमाव की गंभीर समस्या का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बारिश के समय कई मोहल्लों में लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल निकासी की आधुनिक व्यवस्था विकसित कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना आवश्यक है।
महापौर ने तीसरे प्रमुख मुद्दे के रूप में शहर की यातायात व्यवस्था को रखा। उन्होंने कहा कि देवघर में धार्मिक पर्यटन के कारण पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है, जबकि श्रावणी मेला और अन्य विशेष अवसरों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु एक साथ पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए सड़क नेटवर्क और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है।

चौथे विषय के रूप में उन्होंने वैज्ञानिक एवं स्थायी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर देवघर के निर्माण के लिए आधुनिक कचरा प्रबंधन तकनीक अपनाना बेहद आवश्यक है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी मजबूत होगी।

इसके अलावा महापौर ने बाबा नगरी के ऐतिहासिक और धार्मिक स्वरूप को और आकर्षक बनाने के लिए विशेष सौंदर्यीकरण परियोजनाओं की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मंदिर क्षेत्र सहित प्रमुख मार्गों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन स्थलों का व्यवस्थित विकास होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा देवघर की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।

महापौर रवि कुमार राउत ने विशेष पैकेज की मांग के साथ-साथ देवघर में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि अमृत मिशन 2.0 (AMRUT 2.0), प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U), स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत लंबित राशि को शीघ्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए समय पर राशि उपलब्ध होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ जल्द मिल सकेगा।

महापौर ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से देवघर को एक आधुनिक, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न धार्मिक शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि आवश्यक वित्तीय सहायता मिलती है तो नगर निगम शहर के विकास को नई दिशा देने में सफल होगा।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने विशेष रूप से देवघर की धार्मिक महत्ता और वहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल का समुचित विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने महापौर द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने तथा आवश्यक केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

देवघर नगर निगम की इस पहल को शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि विशेष वित्तीय पैकेज और लंबित योजनाओं की राशि जल्द जारी होती है तो पेयजल, सीवरेज, जल निकासी, ट्रैफिक व्यवस्था, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी, बल्कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को भी आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। आने वाले समय में देवघर को देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहरों की श्रेणी में और अधिक सशक्त पहचान मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है।

