By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Cervical Cancer Prevention: भारत समेत दुनिया भर में महिलाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। राहत की बात यह है कि यह उन चुनिंदा कैंसरों में से एक है, जिनसे समय पर टीकाकरण (HPV Vaccine) और नियमित जांच के जरिए काफी हद तक बचाव किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही उम्र में HPV वैक्सीन लगवा ली जाए और समय-समय पर स्क्रीनिंग कराई जाए तो सर्वाइकल कैंसर के 90 से 95 प्रतिशत मामलों को रोका जा सकता है।

AIIMS के विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण होता है। यह वायरस लंबे समय तक शरीर में रहने पर गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) की कोशिकाओं में बदलाव लाता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है। अच्छी बात यह है कि HPV संक्रमण से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है।
क्या है सर्वाइकल कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के गर्भाशय के निचले हिस्से यानी गर्भाशय ग्रीवा में विकसित होने वाला कैंसर है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, इसलिए नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है। समय पर पहचान होने पर इसका इलाज काफी सफल हो सकता है।

किस उम्र में लगवानी चाहिए HPV वैक्सीन?
विशेषज्ञों के अनुसार HPV वैक्सीन 9 से 14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे अधिक प्रभावी मानी जाती है। इस आयु में दो डोज पर्याप्त होती हैं। यदि इस उम्र में वैक्सीन नहीं लग पाई हो, तो 15 से 26 वर्ष तक भी डॉक्टर की सलाह से टीका लगवाया जा सकता है। कई मामलों में 27 से 45 वर्ष तक की महिलाओं को भी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर वैक्सीन की सलाह दी जा सकती है।

कब करानी चाहिए सर्वाइकल कैंसर की जांच?
AIIMS विशेषज्ञों का कहना है कि 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित रूप से सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग करानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार HPV टेस्ट, Pap Smear Test या अन्य जांच समय-समय पर कराना बीमारी का समय रहते पता लगाने में मदद करता है। जिन महिलाओं में जोखिम अधिक हो, उन्हें स्क्रीनिंग में देरी नहीं करनी चाहिए।

सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण
असामान्य योनि से रक्तस्राव होना
पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना
संभोग के बाद रक्तस्राव
दुर्गंधयुक्त या असामान्य योनि स्राव
पेल्विक एरिया में लगातार दर्द
कमर दर्द या कमजोरी महसूस होना
यदि इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय तक बना रहे तो तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

किन महिलाओं में ज्यादा रहता है खतरा?
HPV संक्रमण
कम उम्र में यौन जीवन की शुरुआत
एक से अधिक यौन साथी
धूम्रपान
कमजोर इम्यून सिस्टम
लंबे समय तक स्क्रीनिंग न कराना

कैसे करें बचाव?
सही उम्र में HPV वैक्सीन जरूर लगवाएं।
30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित Pap Smear या HPV टेस्ट कराएं।
सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाएं।
धूम्रपान से दूरी बनाएं।
संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें।
किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें।

विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसे जागरूकता, समय पर टीकाकरण और नियमित जांच के जरिए काफी हद तक रोका जा सकता है। इसलिए महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य जांच को टालना नहीं चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्क्रीनिंग करवानी चाहिए। जितनी जल्दी बीमारी का पता चलता है, इलाज उतना ही प्रभावी होता है।

यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। HPV वैक्सीन, स्क्रीनिंग या किसी भी जांच एवं उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।



