By: Mala Mandal
भारत में इबोला वायरस को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में एक हाई लेवल बैठक कर देशभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और कई स्वास्थ्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को शुरुआती स्तर पर ही रोकना और देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्क्रीनिंग को लेकर एयरपोर्ट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है। विदेशों से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, ट्रैवल हिस्ट्री और संदिग्ध लक्षणों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। यदि किसी व्यक्ति में इबोला जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत आइसोलेशन और मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक के दौरान अस्पतालों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। सरकार ने राज्यों से कहा है कि आइसोलेशन वार्ड, PPE किट, मेडिकल उपकरण और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने के भी निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

क्या है इबोला वायरस?
इबोला वायरस एक बेहद खतरनाक और जानलेवा संक्रमण माना जाता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, सिर दर्द, गले में खराश और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को उल्टी, दस्त और आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इबोला वायरस की मृत्यु दर काफी अधिक होती है, इसलिए समय रहते पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। हालांकि अभी भारत में इबोला का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार एहतियात के तौर पर पहले से तैयारी कर रही है।

सरकार ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा के बाद तेज बुखार या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराएं। साथ ही साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है और किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए देश अब पहले की तुलना में ज्यादा तैयार है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।
यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए कृपया विशेषज्ञ डॉक्टर या सरकारी स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

