By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला एवं भादो मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मेले को लेकर की जा रही तैयारियों, टेंडर प्रक्रियाओं, बजट आवंटन तथा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि राजकीय श्रावणी मेला केवल झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेश में अपनी विशेष पहचान रखता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करने पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों से टेंडर प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी निर्माण एवं व्यवस्था संबंधी कार्य तय समय सीमा के भीतर धरातल पर पूरे कर लिए जाएं।

बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर महीन बालू बिछाने, विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने, साफ-सफाई सुनिश्चित करने, आवासन व्यवस्था को सुविधाजनक बनाने, रूट लाइन में पंडाल निर्माण, पेयजल, शौचालय, स्नानगृह तथा साज-सज्जा संबंधी कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाओं को पिछले वर्षों की तुलना में और बेहतर बनाया जाए ताकि श्रद्धालु बाबा नगरी से सुखद अनुभव लेकर वापस लौटें।
उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले की सफलता विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और टीमवर्क पर निर्भर करती है। इसलिए बिजली, स्वास्थ्य, नगर निगम, सड़क, पेयजल, पुलिस, परिवहन और अन्य संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने से पहले उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में व्यापक निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, पुलिस बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
यातायात व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि मेला अवधि में लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन की मजबूत योजना तैयार की जाए। पार्किंग स्थलों का समुचित विकास किया जाए तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन सड़क की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि सड़क की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य 25 जुलाई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नगर निगम एवं संबंधित विभागों को विशेष जिम्मेदारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि पूरे मेला क्षेत्र, कांवरिया पथ, शिविरों और प्रमुख स्थलों पर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पर्याप्त संख्या में शौचालय, स्नानगृह और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाए ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।

पेयजल व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पेयजल केंद्र स्थापित किए जाएं तथा पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच हो। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि मेडिकल कैंप, एंबुलेंस सेवा, चिकित्सकों की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह तैयार रहें।
बैठक के दौरान विद्युत व्यवस्था को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। उपायुक्त ने बाबा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के तारों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। साथ ही दुम्मा बॉर्डर से कांवरिया पथ तक आने वाले बिजली के पोलों को समय पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं और विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेला से जुड़े सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी विभाग नियमित रूप से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे ताकि समय रहते कमियों को दूर किया जा सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त रोहित सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, मंदिर प्रभारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, डीएफओ अभिषेक भूषण, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। :::

