By: Mala Mandal
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने और बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पंडा धर्मरक्षिणी सभा तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बाबा मंदिर की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को जलार्पण और दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, बाबा मंदिर प्रभारी सह अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान बाबा मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सुगम जलार्पण, शीघ्र दर्शनम व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण (क्राउड मैनेजमेंट), वीआईपी पूजा व्यवस्था तथा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को और व्यवस्थित बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

सालभर बाह्य अर्घा स्थापित करने के प्रस्ताव पर बनी सहमति
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय बाबा मंदिर परिसर में सालभर बाह्य अर्घा स्थापित करने के प्रस्ताव को लेकर रहा। इस प्रस्ताव पर उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों और प्रबुद्धजनों ने सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति प्रदान की। प्रशासन का मानना है कि बाह्य अर्घा की स्थायी व्यवस्था होने से विशेष अवसरों के अलावा सामान्य दिनों में भी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा मंदिर परिसर में भीड़ का दबाव कम करने में सहायता मिलेगी।

गर्भगृह में मोबाइल फोन के उपयोग पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह के भीतर श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का रखा गया, जिस पर सभी उपस्थित सदस्यों ने अपनी सहमति जताई। इस निर्णय का उद्देश्य मंदिर की धार्मिक गरिमा बनाए रखना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना बताया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा करने का अवसर मिलेगा।

पंडा धर्मरक्षिणी सभा ने दिए कई महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के दौरान पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री निर्मल झा सहित सभा के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने मंदिर व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव उपायुक्त के समक्ष रखे। उपायुक्त ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं के हित में निर्णय लेगा।

नए फुटओवर ब्रिज और क्लॉक रूम पर भी हुई चर्चा
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैठक में नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण, आधुनिक क्लॉक रूम की व्यवस्था, सुरक्षित एवं सुगम जलार्पण, कतार प्रबंधन तथा मंदिर परिसर की अन्य आवश्यक सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को न्यूनतम समय में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन एवं जलार्पण का अवसर मिल सके।

आपसी समन्वय पर दिया विशेष जोर
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि देवघर की पहचान और प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की गरिमा के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को समय रहते मजबूत किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

बैठक के अंत में सौंपा गया ज्ञापन
बैठक के समापन पर पंडा धर्मरक्षिणी सभा की ओर से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी को विभिन्न मांगों एवं सुझावों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। उपायुक्त ने ज्ञापन में शामिल बिंदुओं पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया। इस अवसर पर सरदार पंडा, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, महामंत्री निर्मल झा, सभा के मंत्री, उपाध्यक्ष, सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

