By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर। देवघर नगर निगम सभागार में शुक्रवार को शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और शिक्षक हितैषी बनाने को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नगर क्षेत्र में कार्यरत पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) के मानदेय में 4 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी देना रहा। इस निर्णय से नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत पारा शिक्षकों में खुशी का माहौल है।

बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों के हितों की रक्षा करने जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। शिक्षा समिति के सदस्यों ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का आधार मजबूत शिक्षा व्यवस्था होती है और इस दिशा में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

बैठक में यह भी कहा गया कि नगर क्षेत्र के पारा शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनके मानदेय में वृद्धि न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि उनके मनोबल को भी मजबूत करेगी। इसी सोच के साथ शिक्षा समिति ने 4 प्रतिशत मानदेय वृद्धि के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

शिक्षा समिति के सदस्यों ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करते हैं। बच्चों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।

बैठक के दौरान नगर क्षेत्र के विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, स्वच्छ एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने पर भी चर्चा हुई। समिति ने इस दिशा में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

शिक्षा समिति ने स्पष्ट किया कि नगर निगम क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समय-समय पर ऐसी बैठकें आयोजित की जाती रहेंगी, ताकि विद्यालयों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिए जाएंगे।
मानदेय वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद पारा शिक्षकों ने इस निर्णय का स्वागत किया। शिक्षकों का कहना है कि यह फैसला उनके कार्यों के प्रति सम्मान और विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी शिक्षक हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों और शिक्षा समिति के सदस्यों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इसलिए नगर निगम शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए प्रयास कर रहा है। बच्चों को आधुनिक शिक्षा, बेहतर संसाधन और योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।
बैठक के अंत में शिक्षा समिति की ओर से सभी अधिकारियों, समिति सदस्यों तथा नगर क्षेत्र के पारा शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए बधाई दी गई। साथ ही सभी से आह्वान किया गया कि वे मिलकर देवघर को शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करें।

नगर निगम के इस फैसले को शिक्षा क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यदि इसी प्रकार शिक्षक हित और शिक्षा सुधार से जुड़े निर्णय लिए जाते रहे तो देवघर नगर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।
