By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शुक्रवार दोपहर उस समय कुछ देर के लिए हलचल मच गई, जब मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर तीर्थ पुरोहित समाज के कुछ लोगों ने पकड़कर प्रशासनिक भवन स्थित कंट्रोल रूम में पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने गहन पूछताछ, पहचान सत्यापन और संबंधित लोगों से संपर्क करने के बाद पाया कि व्यक्ति किसी गलत मंशा से मंदिर परिसर में नहीं आया था। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान उक्त व्यक्ति ने अपना नाम शेख दाऊद बताया। उसने बताया कि वह बिहार के कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र अंतर्गत मधेली गांव का निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह अपने गांव के ही हिंदू पड़ोसी अर्जुन ठाकुर एवं छोटू ठाकुर के साथ देवघर आया है। दोनों परिवार अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे थे और वह उनके साथ सहयोग के लिए आया था।

शेख दाऊद ने पुलिस को बताया कि मुंडन कार्यक्रम के दौरान काफी देर तक अर्जुन ठाकुर और छोटू ठाकुर नहीं दिखाई दिए। उन्हें खोजने के उद्देश्य से वह मंदिर परिसर की ओर चला गया। इसी दौरान मंदिर परिसर में मौजूद कुछ लोगों को उसके बारे में संदेह हुआ और उन्होंने उससे पूछताछ शुरू कर दी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे प्रशासनिक भवन स्थित कंट्रोल रूम ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

सूचना मिलने के बाद बाबा मंदिर थाना की पुलिस उसे अपने साथ थाना ले गई, जहां एडीपीओ कुलदीप कुमार एवं बाबा मंदिर थाना प्रभारी संतोष कुमार गुप्ता की मौजूदगी में उससे विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस ने उसके बताए गए तथ्यों का सत्यापन करने के लिए अर्जुन ठाकुर एवं छोटू ठाकुर से मोबाइल पर संपर्क किया।
उस समय दोनों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए कतार में लगे हुए थे। पुलिस ने उन्हें तत्काल थाना पहुंचने के लिए कहा। लगभग डेढ़ घंटे बाद दोनों थाना पहुंचे और उन्होंने पुलिस को बताया कि शेख दाऊद उनके गांव का ही रहने वाला है। उन्होंने यह भी बताया कि वे लोग वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं और उनके बीच आपसी विश्वास एवं अच्छे संबंध हैं।

अर्जुन ठाकुर और छोटू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि शेख दाऊद की जमीन पर वे खेती करते हैं। दोनों परिवारों के बीच पारिवारिक संबंध भी अच्छे हैं। बच्चों के मुंडन संस्कार के अवसर पर उन्होंने सम्मानपूर्वक शेख दाऊद को अपने साथ बाबा धाम आने का निमंत्रण दिया था। कार्यक्रम के दौरान ही वह उन्हें खोजते-खोजते मंदिर परिसर तक पहुंच गया था।

पुलिस ने शेख दाऊद की तलाशी भी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से केवल 20 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन मिला। जांच में कोई आपत्तिजनक वस्तु या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। उसके मोबाइल और अन्य तथ्यों की भी प्रारंभिक जांच की गई, जिसमें किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई।

सभी तथ्यों के सत्यापन, संबंधित लोगों के बयान और पूछताछ के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि शेख दाऊद किसी भी प्रकार की गलत मंशा से मंदिर परिसर में नहीं आया था। वह केवल अपने साथ आए लोगों को खोजने के लिए वहां पहुंचा था। इसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।

श्रावणी मेले और अन्य विशेष अवसरों पर बाबा बैद्यनाथ धाम में देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहता है। मंदिर परिसर में आने-जाने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रखी जाती है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल जांच की जाती है।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने लोगों से यह भी अपील की कि किसी भी व्यक्ति के बारे में केवल उसके पहनावे, नाम या समुदाय के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। यदि किसी पर संदेह हो तो कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना दें, ताकि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा सके।
शुक्रवार की इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तथ्यात्मक जांच के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई तथा किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद शेख दाऊद को सम्मानपूर्वक जाने की अनुमति दे दी गई।SEO

