By: Mala Mandal
रांची, 6 जुलाई। झारखंड में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसूनी प्रणाली के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को झारखंड के आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में तेज बारिश, वज्रपात और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रांची, देवघर, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और रामगढ़ समेत कई क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश के कारण तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड सहित पूर्वी भारत में अच्छी वर्षा का कारण बन रहा है। इसका प्रभाव अगले दो दिनों तक बना रह सकता है। राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।

राजधानी रांची सहित कई शहरों में रविवार देर रात से बादलों की आवाजाही बनी हुई है। सोमवार को भी दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। वहीं देवघर, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। लगातार वर्षा होने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, खेत, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी मौसम को देखते हुए खेती-किसानी से जुड़े कार्य सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी गई है।

भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। निचले इलाकों में जलभराव, सड़क परिवहन में बाधा तथा नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून अब झारखंड में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। आने वाले दिनों में राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। इससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी और धान की रोपाई कर रहे किसानों को काफी लाभ मिलेगा। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव और फसल को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी तथा मौसम सुहावना बना रहेगा। वहीं रात के तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक जारी मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


