By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड के देवघर स्थित प्रधान डाकघर परिसर में संचालित पासपोर्ट सेवा कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही जिला पुलिस, झारखंड जगुआर की बम निरोधक टीम, श्वान दस्ता और स्थानीय प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना समय गंवाए प्रधान डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को खाली कराया तथा पूरे भवन की सघन तलाशी शुरू कर दी। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान भवन के कोने-कोने की आधुनिक उपकरणों और डॉग स्क्वायड की सहायता से जांच की गई। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री अथवा कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।

रीजनल पासपोर्ट ऑफिस रांची से मिला था अलर्ट
जानकारी के अनुसार, देवघर प्रधान डाकघर के डाकपाल रवि कुमार ने बताया कि रीजनल पासपोर्ट ऑफिस, रांची से आधिकारिक ई-मेल प्राप्त हुआ था। इस ई-मेल में जानकारी दी गई थी कि झारखंड राज्य के विभिन्न पासपोर्ट सेवा केंद्रों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सभी संबंधित कार्यालयों को तत्काल सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन को सूचना देने का निर्देश दिया गया था। ई-मेल प्राप्त होते ही देवघर प्रधान डाकघर प्रशासन ने मामले को हल्के में नहीं लिया। तत्काल इसकी सूचना देवघर पुलिस एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।

सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
देवघर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ प्रधान डाकघर पहुंचे। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले भवन में मौजूद कर्मचारियों और पासपोर्ट संबंधी कार्य कराने पहुंचे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पूरे परिसर को पुलिस ने अपने नियंत्रण में लेते हुए किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा होने लगी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए लोगों को निर्धारित दूरी पर रहने का निर्देश दिया। पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने संयमित तरीके से स्थिति को नियंत्रित किया।

बम निरोधक दस्ता और श्वान टीम ने संभाला मोर्चा
पुलिस द्वारा परिसर खाली कराए जाने के बाद झारखंड जगुआर की बम निरोधक टीम और श्वान दस्ता मौके पर पहुंचा। इसके बाद पूरे भवन की व्यवस्थित और तकनीकी तरीके से जांच शुरू की गई। बम निरोधक दस्ते ने अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर, बम डिटेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से भवन के प्रत्येक कमरे, कार्यालय, गलियारे, रिकॉर्ड रूम, प्रतीक्षालय, सीढ़ियों, छत तथा अन्य हिस्सों की गहन जांच की। वहीं श्वान दस्ते ने भी पूरे परिसर में संदिग्ध गंध और विस्फोटक सामग्री की तलाश की।
जांच के दौरान किसी भी हिस्से को छोड़ा नहीं गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच की ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

कई घंटे चला सर्च ऑपरेशन
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाया गया सर्च ऑपरेशन कई घंटों तक जारी रहा। इस दौरान पूरे प्रधान डाकघर परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया। किसी भी व्यक्ति को भवन के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
जांच पूरी होने के बाद बम निरोधक दस्ता और श्वान टीम ने पुलिस अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपी। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का विस्फोटक, संदिग्ध पैकेट या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिलने की पुष्टि की गई।

थाना प्रभारी ने क्या कहा
नगर थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिली थी कि पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सूचना मिलते ही तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। सबसे पहले कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और श्वान टीम द्वारा पूरे परिसर की जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि धमकी को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच जारी है तथा संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

डाकपाल रवि कुमार ने दी पूरी जानकारी
प्रधान डाकघर के डाकपाल रवि कुमार ने बताया कि रीजनल पासपोर्ट ऑफिस, रांची से प्राप्त ई-मेल में राज्य के विभिन्न पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की जानकारी दी गई थी। उसी निर्देश के अनुसार स्थानीय पुलिस प्रशासन को तत्काल सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर की जांच की, जिससे किसी भी संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही कार्यालय के सामान्य संचालन को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क
घटना के बाद देवघर पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां भविष्य में भी संवेदनशील सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की धमकी मिलने पर त्वरित प्रतिक्रिया ही किसी भी संभावित खतरे को टालने का सबसे प्रभावी तरीका होती है। देवघर पुलिस द्वारा अपनाई गई तत्परता ने एक बार फिर यह साबित किया कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
जांच पूरी होने के बाद पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध वस्तु, लावारिस सामान या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। प्रशासन ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी प्रकार की भ्रामक जानकारी साझा न करें। ऐसी घटनाओं में जिम्मेदार व्यवहार और प्रशासन के साथ सहयोग ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाता है।

जांच में नहीं मिला कोई विस्फोटक
पूरे सर्च ऑपरेशन के बाद राहत की खबर यह रही कि प्रधान डाकघर परिसर और पासपोर्ट कार्यालय में किसी भी प्रकार का बम, विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद पुलिस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है। धमकी भरा ई-मेल कहां से भेजा गया, इसके स्रोत का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियां तकनीकी जांच में जुटी हैं।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। देवघर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की धमकी पर भविष्य में भी इसी तत्परता के साथ कार्रवाई की जाएगी।

