By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की पहली सोमवारी को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बी.एड. कॉलेज परिसर में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त ब्रीफिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बिना किसी अव्यवस्था के जलार्पण कराना बताया गया।

उपायुक्त ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान और प्रशासनिक क्षमता की परीक्षा भी है। पहली सोमवारी के अवसर पर लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सभी अधिकारी पूरी सजगता, अनुशासन और सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार प्रशासन की पहली पहचान होनी चाहिए। प्रत्येक अधिकारी और कर्मी का प्रयास यह होना चाहिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा वे सहज और सुरक्षित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सकें। उन्होंने कहा कि कतार व्यवस्था को लगातार बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। कहीं भी अनावश्यक गैप नहीं बनने देना है ताकि जलार्पण की प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रहे और भीड़ का दबाव नियंत्रित रहे।

उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु यहां से झारखंड और देवघर की सकारात्मक छवि लेकर लौटें। इसके लिए सभी अधिकारी समन्वय, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में अधिकारियों के बीच समन्वय और संचार की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ब्रीफिंग के दौरान उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लगातार सक्रिय रहें। भीड़ की स्थिति, कतार व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा, पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर निरंतर नजर रखें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता मेला संचालन को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करें।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला में प्रतिनियुक्त बाहर से आए पुलिस अधिकारी और सुरक्षाकर्मी अब यहां की परिस्थितियों से पूरी तरह परिचित हो चुके हैं। पहली सोमवारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन की होगी। इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि क्यू मैनेजमेंट को प्रभावी बनाना अत्यंत आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं को बिना किसी अव्यवस्था के जलार्पण कराया जा सके। साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों और मेला क्षेत्र में ट्रैफिक संचालन भी सुचारु रहे, जिससे जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ तैनात रहें।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेला क्षेत्र में बनाए गए सभी ओपी और ट्रैफिक ओपी की जिम्मेदारी डीएसपी रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन पूरी तरह व्यवस्थित रहे। यदि किसी स्थान पर समस्या उत्पन्न होती है तो उसका त्वरित समाधान किया जाए और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा एवं नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने भी पहली सोमवारी को लेकर अधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन सहायता और अन्य नागरिक सुविधाओं को लगातार मॉनिटर किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पहली सोमवारी के दौरान मेला क्षेत्र में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक संचालन, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को अपने दायित्वों का स्पष्ट निर्धारण कर दिया गया है और हर गतिविधि की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी।

बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, नजारत उपसमाहर्ता, विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

राजकीय श्रावणी मेला 2026 की पहली सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण, बेहतर यातायात व्यवस्था और सेवा भाव ही इस बार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में दर्शन और जलार्पण कर संतोष एवं सकारात्मक अनुभव के साथ अपने घर लौटे।

