By:Mala Mandal
देवघर, 1 अगस्त। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवघर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देशानुसार देवघर जिला सीमा के भीतर डबल डेकर (दो मंजिला) मालवाहक एवं अन्य ऐसे वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह निर्णय विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

श्रावणी मेले के दौरान हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से लाखों कांवड़िया सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 108 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने देवघर पहुंचते हैं। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु निजी एवं व्यावसायिक वाहनों से भी बाबा नगरी आते हैं। ऐसे में कई बार क्षमता से अधिक यात्रियों को मालवाहक या डबल डेकर वाहनों पर बैठाकर लाने की घटनाएं सामने आती हैं, जो सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसी खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष पहले से ही सख्त कदम उठाए हैं।

इसी क्रम में शनिवार को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के नेतृत्व में विशेष सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान देवघर में प्रवेश कर रहे वाहनों की गहन जांच की गई। इस दौरान एक डबल डेकर वाहन में असुरक्षित तरीके से यात्रा कर रहे कांवड़ियों को रोका गया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को वाहन के ऊपर से नीचे उतारकर सुरक्षित तरीके से वाहन के अंदर बैठाया और उन्हें सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने वाहन चालकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में वाहन की छत, डबल डेकर संरचना या अन्य असुरक्षित स्थानों पर यात्रियों को बैठाकर यात्रा नहीं कराई जाएगी। ऐसा पाए जाने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने कांवड़ियों से भी अपील की कि वे थोड़ी सुविधा या जल्दबाजी के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें। प्रशासन ने कहा कि वाहन की छत, बोनट, डबल डेकर या अन्य असुरक्षित स्थानों पर बैठकर यात्रा करना दुर्घटना को आमंत्रण देना है। सुरक्षित यात्रा ही सफल बाबा दर्शन की पहली शर्त है।

श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं के वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग और शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के अलावा पांच प्रमुख अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, ताकि बाहर से आने वाले वाहनों का व्यवस्थित पड़ाव कराया जा सके।
प्रशासन द्वारा चिन्हित पार्किंग स्थलों में कोठिया पार्किंग स्थल, परित्राण पार्किंग स्थल, सरसा पार्किंग स्थल, भलुवा पार्किंग स्थल तथा हथगढ़ पार्किंग स्थल शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण तथा वाहनों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को वाहन पार्क करने में सुविधा होगी और शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या भी काफी हद तक नियंत्रित रहेगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेले के दौरान निर्धारित ट्रैफिक प्लान का सभी श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को पालन करना होगा। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही वाहनों का संचालन किया जाएगा। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
उपायुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर परिवहन विभाग, जिला पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही है। विभिन्न प्रवेश मार्गों पर जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि प्रतिबंधित या असुरक्षित वाहनों को समय रहते रोका जा सके। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं के बारे में लगातार जागरूक भी किया जा रहा है।

प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित एवं अधिकृत वाहनों का ही उपयोग करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़ा करें तथा प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक रूट और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन करें। प्रशासन का मानना है कि श्रद्धालुओं, वाहन चालकों और अधिकारियों के सामूहिक सहयोग से ही विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाया जा सकता है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे ऐसे कदम न केवल संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होंगे, बल्कि बाबा नगरी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर यात्रा अनुभव भी प्रदान करेंगे। यही कारण है कि इस वर्ष श्रावणी मेले में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और वाहन संचालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि हर श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सकें।

