By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने देवघर के घोरमारा क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाकर 1060 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा जब्त कर उसे जेसीबी मशीन की सहायता से पूरी तरह नष्ट करा दिया। यह कार्रवाई उन कारोबारियों के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही है जो श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए मिलावटी अथवा संदिग्ध खाद्य सामग्री का निर्माण और बिक्री कर रहे हैं।

राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु जलार्पण के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में शामिल है। इसी उद्देश्य से उपायुक्त देवघर के निर्देश पर गठित विशेष टीमों तथा खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता दल ने घोरमारा क्षेत्र की विभिन्न मिठाई और खाद्य दुकानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने माँ दुर्गा पेड़ा भंडार, संदीप पेड़ा शॉप, पीहू पेड़ा भंडार तथा आशीष फास्ट फूड सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान दुकानों में स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने सभी कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अभियान की सबसे बड़ी कार्रवाई ओमजी पेड़ा भंडार के विरुद्ध की गई। विभाग द्वारा पूर्व रात्रि में जब्त किए गए 1060 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा को अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीन से पूरी तरह नष्ट कराया गया। विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जब्त की गई संदिग्ध खाद्य सामग्री किसी भी परिस्थिति में दोबारा बाजार में न पहुंचे और न ही उसका उपभोग किया जा सके। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पेड़ा, मिठाई, प्रसाद और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते हैं। यदि इनमें मिलावट या गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो इससे बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और संदिग्ध खाद्य सामग्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजकीय श्रावणी मेला-2026 की पूरी अवधि तक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा टीम अचानक निरीक्षण करेगी और जहां भी मिलावटी, अवमानक या असुरक्षित खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री होती मिलेगी, वहां संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर लाइसेंस निरस्त करने, जुर्माना लगाने तथा अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे केवल मानक अनुरूप और सुरक्षित खाद्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय करें। सभी प्रतिष्ठानों पर वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्रदर्शित रखें, स्वच्छता के मानकों का पालन करें तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण में गुणवत्ता से कोई समझौता न करें। विभाग ने यह भी कहा कि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।

वहीं श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी दुकान पर मिलावटी, संदिग्ध या अस्वच्छ खाद्य सामग्री की बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग या जिला प्रशासन को दें। नागरिकों की सतर्कता से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी और लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

श्रावणी मेला के दौरान प्रशासन का यह अभियान न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि श्रद्धालुओं की आस्था और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मेला अवधि में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार नजर रखी जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी तथा श्रावणी मेला सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न होगा।

