By: Mala Mandal
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 10वें दिन शनिवार को बाबा नगरी देवघर में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं और कांवरियों के जयघोष से पूरा देवघर भक्तिमय नजर आया। अहले सुबह से ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। मंदिर में जलार्पण की प्रक्रिया सुबह 04:23 बजे से शुरू हुई। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मेले के 10वें दिन कुल 2,27,691 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया। इनमें बाह्य अर्घा के माध्यम से 92,365, आंतरिक अर्घा के माध्यम से 1,18,876 तथा शीघ्र दर्शनम की सुविधा के माध्यम से 16,450 श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया।

सुबह से ही मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कांवड़ यात्रा कर सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर पहुंचने वाले कांवरियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। बोल बम के जयकारे और बाबा बैद्यनाथ के दर्शन की उत्सुकता के बीच श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। सुबह जलार्पण शुरू होने के साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। प्रशासन और पुलिस की टीमों ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।

बाह्य और आंतरिक अर्घा से श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जलार्पण की व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है। 10वें दिन कुल 2,27,691 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया। आंकड़ों के अनुसार, 92,365 श्रद्धालुओं ने बाह्य अर्घा के माध्यम से बाबा पर जल चढ़ाया। वहीं 1,18,876 श्रद्धालुओं ने आंतरिक अर्घा के माध्यम से जलार्पण किया। इसके अलावा 16,450 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम की सुविधा का लाभ उठाते हुए बाबा बैद्यनाथ का दर्शन और जलार्पण किया।
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

चौबीसों घंटे सक्रिय है क्यूआरटी
मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण और कतार प्रबंधन के लिए प्रशासन की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) को सक्रिय रखा गया है। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। ये टीमें चौबीसों घंटे मेला क्षेत्र में सक्रिय रहकर स्थिति पर नजर रख रही हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ वाले स्थानों, कतारों और रूट लाइन पर विशेष निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित टीमों को अलर्ट मोड में रखा गया है।

रूट लाइन पर प्रशासन की पैनी नजर
श्रावणी मेला के दौरान देवघर आने वाले कांवरियों के लिए रूट लाइन सबसे महत्वपूर्ण होती है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचने वाले कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए पूरे रूट पर प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जा रही है। रूट लाइन में भीड़ का दबाव बढ़ने पर उसे नियंत्रित करने, कतार को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी लगातार तैनात हैं। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी स्थान पर अनावश्यक भीड़ जमा न हो और कांवरियों को बाबा मंदिर तक पहुंचने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
राजकीय श्रावणी मेला देवघर देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में पुलिस बल, दंडाधिकारी और क्यूआरटी की तैनाती की गई है। प्रशासनिक टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय के साथ काम किया जा रहा है।

आस्था के साथ व्यवस्था भी बनी चुनौती
श्रावणी मेले के 10वें दिन 2.27 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा जलार्पण किया जाना बाबा बैद्यनाथ के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद भीड़ को नियंत्रित रखना और कतार व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि वे निर्धारित मार्ग और कतार व्यवस्था का पालन करें तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग करें। इससे सभी श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का दर्शन कर सकेंगे।

श्रावणी मेला 2026 के 10वें दिन देवघर में आस्था, भक्ति और प्रशासनिक व्यवस्था का संगम देखने को मिला। सुबह 04:23 बजे शुरू हुए जलार्पण के बाद दिनभर श्रद्धालुओं का बाबा मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। 2,27,691 श्रद्धालुओं के जलार्पण के साथ बाबा नगरी एक बार फिर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजती रही। प्रशासन की चौबीसों घंटे सक्रिय सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था का उद्देश्य यही है कि देवघर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित और सुखद आध्यात्मिक अनुभव लेकर लौटे।

