By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की आगामी दूसरी सोमवारी को लेकर देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। लाखों श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, सुगम जलार्पण और मेला क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। इसी क्रम में देवघर के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने शनिवार को मेला क्षेत्र स्थित इंटीग्रेटेड मीडिया कंट्रोल रूम (IMCR) का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कंट्रोल रूम में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, कर्मियों तथा तकनीकी टीम से मेला क्षेत्र में चल रही निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों, लाइव फीड, कम्यूनिकेशन सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधनों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में इंटीग्रेटेड मीडिया कंट्रोल रूम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यहां से मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से भीड़ की स्थिति, प्रमुख मार्गों, प्रवेश एवं निकास क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में निगरानी व्यवस्था में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

अधिकारियों और कर्मियों को सजग रहने का निर्देश
दूसरी सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए उपायुक्त ने कंट्रोल रूम में तैनात सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी संवेदनशीलता और सजगता के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचना का तत्काल संज्ञान लिया जाए और आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभाग एवं सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी जाए। भीड़ के दबाव, यातायात की स्थिति, श्रद्धालुओं की आवाजाही अथवा किसी अन्य आपात स्थिति की सूचना मिलने पर त्वरित समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

24 घंटे सुचारू रहे नेटवर्क और लाइव फीड
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने तकनीकी एवं सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को भी कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला अवधि के दौरान नेटवर्क, लाइव सीसीटीवी फीड और कम्यूनिकेशन सिस्टम लगातार सुचारू रूप से काम करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी खराबी के कारण निगरानी व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को तकनीकी संसाधनों की नियमित जांच करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल उसका समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि कंट्रोल रूम को मिलने वाली सूचनाओं और कैमरों से प्राप्त लाइव फीड के आधार पर मेला क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों का समय रहते आकलन किया जा सकता है। इससे भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने और किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।

दूसरी सोमवारी पर विशेष निगरानी
राजकीय श्रावणी मेला के दौरान सोमवार का दिन प्रशासन के लिए विशेष चुनौतीपूर्ण रहता है। दूसरी सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण के लिए बड़ी संख्या में कांवरियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ भीड़ के व्यवस्थित संचालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इंटीग्रेटेड मीडिया कंट्रोल रूम से मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ का सुगम और सुरक्षित दर्शन एवं जलार्पण कराया जा सके।


समन्वय के साथ काम करने का निर्देश
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, तकनीकी टीम और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की सूचना को नजरअंदाज नहीं किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजकर स्थिति को नियंत्रित किया जाए। साथ ही कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों को अपने-अपने दायित्वों की पूरी जानकारी रखने और हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा से संबंधित किसी भी शिकायत या सूचना पर त्वरित संज्ञान लिया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि दूसरी सोमवारी के दौरान देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और मेला संचालन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राजकीय श्रावणी मेला 2026 में प्रशासन की ओर से तकनीक आधारित निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूसरी सोमवारी को लेकर प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण सुनिश्चित करना है।

