By: Mala Mandal
देवघर। देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र में खुद को GST अधिकारी बताकर 40.50 लाख रुपये की लूट करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में जमुई और बांका जिले के रहने वाले कुमोद पोद्दार, संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो, नकदी, मोबाइल फोन, लूटा गया Dell लैपटॉप सहित कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 8 अगस्त 2026 को जसीडीह थाना क्षेत्र के टाभाघाट-दर्दमारा मुख्य सड़क पर हुई थी। पुलिस को दिए आवेदन में पीड़ित विक्रम चौधरी ने बताया था कि वह अपने कर्मचारी के साथ बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान स्कार्पियो सवार कुछ लोगों ने उनकी बाइक को जबरन रोक लिया। आरोपियों ने खुद को GST अधिकारी बताते हुए उन्हें और उनके कर्मचारी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद दोनों को रुपये से भरे बैग समेत अगवा कर लिया गया।
आरोप है कि अपराधियों ने GST अधिकारी होने का भय दिखाकर पीड़ित से 40.50 लाख रुपये नकद लूट लिए। इसके अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान भी अपराधियों ने अपने कब्जे में ले लिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी पुलिस को मिलने के बाद जसीडीह थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर सुराग जुटाना शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर जमुई और बांका जिले में छापेमारी की गई।
पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो गाड़ी बरामद की। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, पुलिस डंडा, पुलिस लिखा हुआ बोर्ड, 4.30 लाख रुपये नकद, लूटा गया Dell लैपटॉप और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक सुनियोजित तरीके से GST अधिकारी होने का झांसा दिया था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पीड़ित को ही निशाना क्यों बनाया और उन्हें इतनी बड़ी रकम के बारे में जानकारी कैसे मिली। इस मामले में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के खिलाफ पूर्व में भी अलग-अलग थानों में मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस गिरोह ने इससे पहले भी किसी दूसरे व्यक्ति को अधिकारी बनकर निशाना बनाया है।

इस पूरी कार्रवाई में जसीडीह थाना पुलिस के अलावा मोहनपुर, चितरा और देवीपुर थाना की पुलिस टीम तथा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल रहे। अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
फर्जी अधिकारी बनकर वारदात की जांच
पुलिस के लिए इस मामले की खास बात यह है कि अपराधियों ने आम अपराधियों की तरह सीधे लूट की वारदात को अंजाम देने के बजाय खुद को सरकारी अधिकारी बताया। GST अधिकारी होने की बात कहकर पीड़ित को डराया गया और उसके बाद उसे तथा उसके कर्मचारी को अपने कब्जे में लेकर बड़ी रकम लूट ली गई। इस तरह के मामलों में अपराधी अक्सर सरकारी पद और कार्रवाई का भय दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं।
40.50 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम की लूट के कारण यह मामला पुलिस के लिए भी चुनौतीपूर्ण था। घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सुरागों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई। लगातार छापेमारी के बाद पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और लूट में इस्तेमाल वाहन समेत कई सामानों की बरामदगी को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

4.30 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 4.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा लूटे गए सामान में शामिल Dell लैपटॉप और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। हालांकि लूटी गई पूरी रकम की बरामदगी अभी नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर बाकी रकम और अन्य सामान के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे। गिरफ्तार पांच आरोपियों के अलावा यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

कई थानों की पुलिस ने मिलकर की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जसीडीह थाना के साथ मोहनपुर, चितरा और देवीपुर थाना की पुलिस को भी कार्रवाई में शामिल किया गया। तकनीकी शाखा की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। अलग-अलग स्थानों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस लूट की रकम, घटना की पूरी साजिश और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

फर्जी GST अधिकारी बनकर 40.50 लाख रुपये की इस लूट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि अपराधी किस तरह सरकारी अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अधिकारी के नाम पर अचानक जांच या कार्रवाई का सामना होने पर संबंधित विभाग से उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है। जसीडीह थाना क्षेत्र की इस वारदात में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन पूरी रकम की बरामदगी और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान को लेकर जांच अभी जारी है।

