By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 22 August 2026: आज 22 अगस्त 2026, शनिवार का दिन है। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सावन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। चातुर्मास के पहले महीने सावन का यह अंतिम चरण चल रहा है और आज चातुर्मास का 29वां दिन है। आज पूरे दिन विष्कुम्भ योग का प्रभाव रहेगा, जिसे ज्योतिष में अशुभ योगों में शामिल किया जाता है। आज दोपहर 2 बजकर 48 मिनट पर चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ विंछुड़ो योग समाप्त हो जाएगा। वहीं दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा और इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा। शाम 7 बजकर 33 मिनट पर बुध ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की वजह से आज का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास हो जाता है।

शनिवार होने के कारण आज भगवान शनिदेव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि कमजोर या अशुभ स्थिति में हैं अथवा शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, वे आज सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं। इसके बाद पीपल की श्रद्धापूर्वक परिक्रमा करने की धार्मिक मान्यता है।
आइए जानते हैं प्रोकेरला पंचांग और द्रिक पंचांग की गणनाओं के आधार पर 22 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और ग्रह गोचर की पूरी जानकारी।
22 अगस्त 2026 का पंचांग
दिन: शनिवार
तिथि: सावन शुक्ल दशमी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: सावन
चातुर्मास: 29वां दिन
व्रत-त्योहार: कोई प्रमुख व्रत-त्योहार नहीं
आज पूरे दिन सावन शुक्ल दशमी तिथि रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। शनिवार होने की वजह से आज शनिदेव की आराधना का भी विशेष महत्व रहेगा।

आज का नक्षत्र
आज दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू हो जाएगा। ज्येष्ठा नक्षत्र का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है, जबकि मूल नक्षत्र को केतु से जोड़ा जाता है। नक्षत्र परिवर्तन के साथ दिन के दूसरे हिस्से में ग्रहों की स्थिति में भी बदलाव देखने को मिलेगा। इसलिए किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो पंचांग देखकर समय का चुनाव करना बेहतर माना जाता है।
आज बन रहा विष्कुम्भ योग
आज सुबह 5 बजकर 18 मिनट से विष्कुम्भ योग शुरू हो चुका है और यह पूरे दिन प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में विष्कुम्भ योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए आज बड़े और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त की जानकारी लेना उचित रहेगा।
हालांकि, नियमित पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक गतिविधियां श्रद्धा के अनुसार की जा सकती हैं।

आज का राहुकाल
22 अगस्त 2026 को शनिवार होने के कारण राहुकाल सुबह के समय रहेगा। आज राहुकाल सुबह 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगा। इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की धार्मिक मान्यता है।
किसी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने वाले लोगों को राहुकाल के समय का ध्यान रखना चाहिए और संभव हो तो शुभ समय का चुनाव करना चाहिए।
आज का ग्रह गोचर
आज ग्रहों की चाल में दो महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं।
दोपहर 2 बजकर 48 मिनट पर चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा के धनु राशि में पहुंचने के साथ विंछुड़ो योग समाप्त हो जाएगा।
वहीं शाम 7 बजकर 33 मिनट पर बुध ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। बुध के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों के जातकों के जीवन पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। खासकर शिक्षा, व्यापार, नौकरी, वाणी और आर्थिक मामलों से जुड़े क्षेत्रों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

आज सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 6:09 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:50 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 2:51 बजे
चंद्रास्त: 23 अगस्त को रात 1:27 बजे
आज चंद्रमा दोपहर के समय उदय होंगे और अगले दिन देर रात तक आकाश में दिखाई देंगे। धार्मिक कार्यों और चंद्रमा से जुड़े उपायों के लिए पंचांग में दिए गए समय को ध्यान में रखना उपयोगी माना जाता है।
शनिवार को शनिदेव की पूजा का महत्व
शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की पूजा करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से शनि से संबंधित परेशानियों में राहत मिल सकती है।
जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव माना जाता है, वे शनिवार को शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित कर सकते हैं। सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है।
इसके अलावा जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना, काले तिल या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना भी शनिवार के दिन किया जाने वाला पारंपरिक उपाय माना जाता है।

आज क्या करें?
आज शनिवार होने के कारण सुबह स्नान करने के बाद भगवान शिव और शनिदेव की पूजा कर सकते हैं। सावन का महीना होने के कारण शिवलिंग पर जल अर्पित करना और भगवान शिव का ध्यान करना भी शुभ माना जाता है। सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना कर सकते हैं। जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना और सामर्थ्य के अनुसार दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है।
आज किन बातों का रखें ध्यान?
आज पूरे दिन विष्कुम्भ योग रहने के कारण बड़े शुभ कार्यों को शुरू करने से पहले पंचांग और शुभ मुहूर्त जरूर देख लें। राहुकाल के दौरान किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा ग्रहों की स्थिति को लेकर किसी भी तरह का डर मन में न रखें। ज्योतिषीय योगों को धार्मिक मान्यताओं के रूप में ही देखें और अपने दैनिक जीवन के महत्वपूर्ण फैसले व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लें।

22 अगस्त 2026 पंचांग का संक्षिप्त सार
आज सावन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है और शनिवार होने के कारण शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। सुबह 5:18 बजे से विष्कुम्भ योग शुरू होगा और पूरे दिन रहेगा। दोपहर 2:48 बजे चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसके अगले ही मिनट यानी 2:49 बजे मूल नक्षत्र शुरू होगा। शाम 7:33 बजे बुध सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
इस तरह देखा जाए तो 22 अगस्त का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। सावन के अंतिम चरण में भगवान शिव की आराधना के साथ शनिदेव की पूजा करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष माना जा सकता है।

इस लेख में दी गई पंचांग और ज्योतिष संबंधी जानकारी धार्मिक मान्यताओं तथा उपलब्ध पंचांग गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के अक्षांश-देशांतर और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और अन्य समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसे धार्मिक आस्था और सामान्य जानकारी के रूप में लें।

