By: Mala Mandal
देवघर। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ देवघर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नंदन पहाड़ में रविवार को जय श्री राम युवा एकता ग्रुप की ओर से 11 पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से युवाओं ने समाज को पर्यावरण बचाने, बढ़ते प्रदूषण को रोकने और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्या के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया तथा पौधारोपण के साथ इन पौधों की नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि चिल्ड्रन एकेडमी के प्रधानाध्यापक किशोर बरनवाल द्वारा पीपल का पौधा लगाकर की गई। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देना है तो प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

इस अवसर पर जय श्री राम युवा एकता ग्रुप के अध्यक्ष दयानंद कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती गर्मी, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुके हैं। लगातार घटते वन क्षेत्र और बढ़ते प्रदूषण के कारण मौसम का संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह वर्षा ऋतु में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बड़ा होने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक-एक पौधा लगाने का संकल्प ले ले तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ऐसे अभियान और अधिक प्रभावी बन सकते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद जिला बल के जवान मुन्ना पासवान ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सभी युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और लोगों को इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

दीपक मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि आज से ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में जल संकट, बढ़ता तापमान और प्रदूषण जैसी समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।
वहीं बलराम मंडल ने ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पृथ्वी का बढ़ता तापमान मानव जीवन के साथ-साथ जैव विविधता के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। ऐसे में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है।

कार्यक्रम के दौरान रविकांत ठाकुर और रोहित कुमार ने बच्चों एवं आम लोगों से हाथ जोड़कर पौधों की रक्षा करने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि लगाए गए पौधों की देखभाल नहीं की जाएगी तो वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।
किशन मंडल और परमानंद कुमार ने कहा कि केवल सरकारी संस्थानों को ही नहीं, बल्कि निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों को भी नियमित रूप से वृक्षारोपण अभियान चलाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे बचपन से ही प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सकेंगे।

कार्यक्रम में शामिल सभी युवाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के वृक्षारोपण अभियान लगातार चलाए जाएंगे। साथ ही लोगों को पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए जागरूक किया जाएगा ताकि हरियाली को बढ़ावा मिल सके।

इस वृक्षारोपण अभियान में चंदन मंडल, आशीष बरनवाल, छोटू मंडल, विनोद मंडल, कंचन मंडल, अभिनंदन कुमार, रवि कुमार, गौतम राणा, राजनंदन कुमार, सत्यम कुमार, विद्यानंद कुमार, प्रीतम कुमार, पंचानंद कुमार, कृष्ण कुमार, पवन कुमार और आलोक कुमार सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित यह अभियान न केवल युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी का परिचायक बना, बल्कि आम लोगों को भी प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समाज के विभिन्न संगठन इसी तरह नियमित रूप से वृक्षारोपण अभियान चलाते रहें तो आने वाले समय में हरित वातावरण के निर्माण में उल्लेखनीय सफलता मिल सकती है।



