By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 31 July 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आज शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 का दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को समर्पित है। आज से पंचक की शुरुआत हो रही है, जिसे शुक्रवार से प्रारंभ होने के कारण ‘चोर पंचक’ कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस अवधि में कुछ विशेष कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय, सूर्यास्त और पंचक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

आज का पंचांग – 31 जुलाई 2026 (Aaj Ka Panchang)
वार: शुक्रवार
माह: सावन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: द्वितीया – रात्रि 10:31 बजे तक, इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी।
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (इसके बाद उत्तराभाद्रपद)
योग: शुभ योग (पंचांग अनुसार)
करण: गर

आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: प्रातः 5:39 बजे
सूर्यास्त: सायं 6:49 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
चंद्रोदय: सायं 7:58 बजे (लगभग)
चंद्रास्त: प्रातः 6:49 बजे (अगले दिन, लगभग)

आज का राहुकाल
शुक्रवार को राहुकाल का समय प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक माना जाता है। इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
आज का अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है।)
ब्रह्म मुहूर्त
प्रातः 4:16 बजे से 4:58 बजे तक
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:41 बजे से 3:34 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त
सायं 6:49 बजे से 7:10 बजे तक

आज से शुरू हुआ चोर पंचक
आज शुक्रवार से पंचक की शुरुआत हो रही है। शुक्रवार से प्रारंभ होने वाले पंचक को चोर पंचक कहा जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान यात्रा, धन संबंधी बड़े लेन-देन, नया व्यापार शुरू करना और अन्य महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य करने से बचना उचित माना जाता है। हालांकि, आवश्यक कार्य उचित सलाह और शुभ मुहूर्त देखकर किए जा सकते हैं।
आज का शुभ रंग
सफेद
आज का शुभ अंक
6

आज का धार्मिक महत्व
सावन माह भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस पावन महीने में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए भी विशेष माना जाता है। आज शिव-पार्वती और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और धन लाभ की कामना पूरी होने की मान्यता है।

यह पंचांग विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं एवं पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के अनुसार तिथि, मुहूर्त और समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।



